मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा में बुखार से मौतों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को सभासद की पत्नी, छात्र व एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जबकि कुंदरकी में बुखार से किसान की जान गई है। साथ ही जिले में डेंगू के दो नए केस मिले हैं। अब तक डेंगू के कुल 88 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू से अब तक कोई मौत नहीं हुई है।
ठाकुरद्वारा के मोहल्ला वार्ड-2 निवासी नगरपालिका के सभासद राकेश कुमार की पत्नी कुसुम देवी (38) को छह दिन से बुखार था। देवर आशु ने बताया कि बुखार के कारण कुसुम को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में उनको टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। उनकी प्लेटलेट्स भी 40 हजार रह गईं थी। हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उधर, वार्ड-2 निवासी मिस्त्री सफदर अली (60) की भी बुखार से मौत हो गई। परिजन बुखार आने पर उन्हें काशीपुर के निजी अस्पताल ले गए थे। जांच के बाद उन्हें डेंगू बताया गया था। आराम न होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए बरेली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इसी तरह सहसपुरी निवासी छात्र फिरोज आलम (23) को बुखार आने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में प्लेटलेट्स महज नौ हजार पाई गई थी। हालत गंभीर होने पर फिरोज को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी आंत फट गई है। इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई।
पांच दिन पहले अबरार को आया था बुखार
कुंदरकी के गांव खजरा निवासी किसान अबरार सैफी (58) को पांच दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उन्हें गांव के ही एक डॉक्टर से दवा दिलाई। आराम नहीं हुआ तो मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच में उनकी प्लेटलेट्स 43 हजार पाई गई। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। क्षेत्र में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को शिविर लगाकर जांच करनी चाहिए।