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Sambhal News: दो चिताओं पर चार शवों का अंतिम संस्कार, चीखों से लोगों का दिल दहला

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बहजोई के गांव बिसारू में शव को देखकर रोती युवती। संवाद
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संभल। बहजोई के गांव बिसारू में शुक्रवार को मातमी माहौल दिखाई दिया। चार शव जब एंबुलेंस से गांव पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। जिसने भी शव देखे उसकी आंख से आंसू छलक पड़े। इससे भी दर्दनाक मंजर तब दिखा जब मां के शव के साथ बच्चों के शव चिता पर रखे गए। एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। बराबर में ही दूसरे शव का अंतिम संस्कार किया। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से गांव बिसारू के साथ अमरोहा के आदमपुर और बागड़पुर में भी गमगीन माहौल रहा। रिश्तेदार वक्त को कोसते दिखाई दिए। जिस परिवार में बृहस्पतिवार की शाम तक खुशियों का माहौल था। अब उनका गम किसी से देखा नहीं जा रहा।
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शाम को करीब साढ़े चार बजे रोहित की पत्नी रेनू (35), बेटा भास्कर (7), बेटी रिया (10) और रोहित के भाई सुनील की पत्नी गीता (28) का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे। हादसे से बुरी तरह कुचल चुके इन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए कुछ लोगों ने जिम्मेदारी ली। करीब छह बजे शव गांव के बाहर श्मशान घाट तक पहुंचे। रेनू की चिता पर रिया और भास्कर का भी शव रखा गया। इनकी चिता के नजदीक ही गीता की चिता बनाई। दोनों चिताएं एक साथ जलाई गईं। दो चिता पर चार शव देखकर हर आंख से आंसुओं की धार बह पड़ी। ग्रामीण और रिश्तेदार वक्त को कोसते रहे।
वहीं, दूसरी ओर एहतियाती तौर पर अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की भी निगरानी रही। हालांकि शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली रोहित की बहन देववती (40) और बागड़पुर निवासी भांजे कपिल (12) का अंतिम उनके गांवों में किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव उनके गांव चले गए थे। सभी छह पोस्टमार्टम संभल में ही किए गए हैं।
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घायल रोहित अस्पताल से पहुंचा, शव देखकर बिलख पड़ा

जिस रोहित के हाथ और शरीर पर चोट लगी है। उनको यह नहीं पता था कि इस हादसे ने उनका पूरा परिवार खत्म कर दिया है। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के समय वह श्मशान घाट पहुंचे तो पत्नी, बेटी, बेटे, भाभी का शव देखकर बिलख पड़े। जो दर्द हादसे के बाद शरीर पर था। उससे कहीं ज्यादा रोहित की चीखों में था और वह बेबस थे। बड़ा बेटा जय जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। रोहित की बेबसी थी जो अपने बच्चों को अंतिम समय में दुलार भी नहीं सके। यह बेबसी देखकर ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू दिखाई दिए। ग्रामीणों ने बताया कि बहन और भांजे की मौत के बारे में रोहित को नहीं बताया गया है।


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नामकरण के कार्यक्रम से लौटते समय काल के गाल में समा गया परिवार

अमरोहा के आदमपुर में करीब 10 वर्षों से रोहित सराफा का कारोबार करते हैं। बृहस्पतिवार को छोटे भाई डेविड की बेटी के नामकरण में शामिल होने के लिए पैतृक गांव बिसारू आए थे। साथ में पत्नी, बेटी, दो बेटे, बहन, भाभी और भांजा था। कार्यक्रम में शामिल होकर जब लौट रहे थे तो रात को करीब सात बजे हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा के नजदीक गंगा एक्सप्रेसवे पर सब्जी से भरी पिकअप ने उनकी कार को टक्कर मार दी। इसमें पत्नी, बेटी, बेटा, बहन, भाभी और भांजे की मौत हो गई। जबकि वह खुद और बड़ा बेटा जय घायल हैं। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए हैं। पिकअप गाड़ी भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। पिकअप हापुड़ जिले में पंजीकृत है। इस पिकअप के चालक और परिचालक भी घायल हुए हैं। काल के गाल में पूरा परिवार समा गया है। इस हादसे को जिसने भी सुना है वह गमगीन है।
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बहजोई के गांव बिसारू में शव को देखकर रोती युवती। संवाद

बहजोई के गांव बिसारू में शव को देखकर रोती युवती। संवाद

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