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पौने दो साल से कई नई गठित की गईं पंचायतों को नहीं मिल सका है आईडी पासवर्ड

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बहजोई (संभल)। जिले की कई नव गठित ग्राम पंचायतों को पौने दो साल से मनरेगा का यूजर आईडी व पासवर्ड नहीं मिल सका है। इसके चलते इन पंचायतों में पुरानी पंचायतों के यूजर व आईडी व पासवर्ड से ही मनरेगा का कार्य कराया जा रहा है। इससे नई पंचायतों के ग्राम प्रधान अपनी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की सही से देख-रेख नहीं कर पा रहे हैं।
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जिले में नवीन ग्राम पंचायतों के गठन के बाद अब तक कुल 41 नई ग्राम पंचायतों को मनरेगा की यूजर आईडी व पासवर्ड नहीं मिल सके। इसके चलते इन नई ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य पुरानी ग्राम पंचायतों की आईडी पासवर्ड से किया जा रहा है। इससे नई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान मुश्किल में हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि पुरानी ग्राम पंचायत की आईडी व पासवर्ड से काम होने के कारण वह अपनी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना की पूरी तरह से देख-रेख नहीं कर पा रहे हैं।
विकासखंड बहजोई में 14, संभल में 15 व रजपुरा में 12 नई ग्राम पंचायतें शामिल हैं। पूरे मामले में उपायुक्त मनरेगा बलवंत सिंह ने बताया कि नई ग्राम पंचायतों को मनरेगा की यूजर आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराए जाने के लिए बीते कुछ माह से जिलाधिकारी की ओर से 1, मुख्य विकास अधिकारी की ओर से 4 और खुद उनकी ओर से एक बार मनरेगा मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि नई ग्राम पंचायतों को जल्द ही यूजर आईडी व पासवर्ड उपलब्ध हो सकेगा।
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डीसी ने कहा कि रही बात मनरेगा के कार्यों की। तो नई ग्राम पंचायतों में यूजर आईडी व पासवर्ड न मिलने से मनरेगा का कोई भी कार्य प्रभावित नहीं है। पुरानी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान यूजर आईडी व पासवर्ड से मनरेगा के सभी काम ठीक से करा रहे हैं। नई ग्राम पंचायतों में होने वाले मनरेगा के सभी कार्यों की पूरी निगरानी रखते हुए समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है।
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