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अचानक बढ़ी सर्दी से लोग ठिठुरे, कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर लगाया ब्रेक

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संभल में रविवार की सुबह कोहरे का नजारा यह नजर आया। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। नवंबर के तीसरे सप्ताह में मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह-शाम में बढ़ी सर्दी के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं। वहीं सुबह में छाई कोहरे की चादर ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। धूप भी कोहरे के चलते मामूली दिखाई दे रही है। बदलते मौसम के चलते सैकड़ों लोग सर्दी की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। चिकित्सक सर्दी से बचाव की सलाह दे रहे हैं। सुबह शाम में गर्म कपड़े पहनने को कहा जा रहा है। जिससे सर्दी का प्रकोप झेलना नहीं पड़े। इस मौसम में सबसे बड़ी समस्या बुजुर्ग व बच्चों को होती है।
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रविवार की सुबह लोगों की नींद खुली तो आसमान बादलों से घिरा और चारों और कोहरा नजर आया। धूप न निकलने और हवा चलने से तेज ठंड का आभास हुआ। आमतौर पर नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी बढ़ना शुरू हो जाती है, लेकिन अभी तक क्षेत्र में गुलाबी ठंड का ही असर रहा। लेकिन रविवार की सुबह लोगों की नींद खुली तो लोगों को आसमान बादलों से घिरा नजर आया। बाहर कोहरे की चादर छाई दिखाई दी।
सुबह से शाम तक थोड़ी-थोड़ी देर के लिए ही सूर्यदेव के दर्शन हुए। घरों से बाहर निकले लोग खासतौर पर स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गर्म कपड़ों और शॉल का सहारा लेते हुए दिखाई दिए।
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वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी जुहेब करीम ने बताया कि सर्दी का प्रकोप दिनों दिन बढ़ेगा। इससे बच्चों और बुजुर्गों को बचाव कराने की आवश्यकता है। इस मौसम में बच्चे और बुजुर्ग बहुत जल्द सर्दी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को सारा दिन गर्म कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मौसम में नौजवानों को भी सर्दी से बचने के उपाए करना चाहिए।
कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक
रविवार की सुबह कोहरे की छाई चादर के चलते वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिखाई दिया। जो वाहन अब तक फर्राटे भरते नजर आते थे। वह कोहरे के चलते रेंगते नजर आए। साथ ही लाइटों का सहारा लेकर चलना पड़ा। यह स्थित करीब सुबह आठ बजे तक बनी रही। शाम होने पर छह बजे के बाद धीरे धीरे कोहरे आना शुरू हो गया। जिसके बाद वाहनों को चालकों ने एहतियात से चलाया। दरअसल कोहरे के मौसम में वाहनों को हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रफ्तार पर काबू कर ही चलना होता है। जिससे हादसों से बचा जा सके।
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