चंदौसी। शहर में आने-जाने के लिए तीन रेलवे फाटकों को पार करना होता है। इनमें से दो बंद हैं एक पर जाम के कारण निकल पाना आसान नहीं, ऐसे में शहर के मोहल्लों से होकर चार पहिया वाहन ही नहीं रोडवेज की बसें और ट्रक भी निकाले जा रहे हैं, जिससे जाम लगने के कारण विकराल स्थिति पैदा हो गई है। शुक्रवार को बदायूं रोड तक जाने के लिए पांच सौ मीटर का रास्ता वाहन चालकों ने एक से डेढ़ घंटे में पूरा किया।
शहर से बाहर जाने वालों और और बाहर से आने वालों के लिए आफत बने रेलवे फाटक अब असहनीय पीड़ादायक हो चुके हैं। करीब डेढ़ साल से ओवरब्रिज निर्माण के चलते मंडी फाटक बंद पड़ा है। कब्रिस्तान के पास वाला फाटक ट्रेन आने पर पांच मिनट को बंद होता है तो आधा घंटा जाम खुलने में लगता है। इसके अलावा बदायूं-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित बेहतरी फाटक पर काम चलने के कारण बंद कर दिया गया है।
ऐसे में विकल्प के तौर पर बदायूं रोड पर पहुंचने के लिए शहर के अंदर मोहल्ला लक्ष्मण गंज से होकर सभी हल्के भारी वाहन निकाले जा रहे हैं। हालत यह है कि जाम के कारण आधा किमी का रास्ता एक से डेढ़ घंटे में तय हो पा रहा है। इससे वाहन लेकर आने जाने वालों के लिए यह बेहद कष्टकारी साबित हो रहा है। मंडी फाटक बंद होने के कारण दस कदम की दूरी पर फाटक पार जाने को दो किमी घूमकर जाना पड़ रहा है।
शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। बाजार और शहर की सड़कों पर ई-रिक्शों की भीड़ ने लोगों का पैदल निकलना दूभर कर रखा है। यातायात पुलिस तो जैसे गहरी नींद सोई हुई है। पिछले दिनों शहर के संभल गेट से बाजार के अंदर जाने वाले ई-रिक्शा पर रोक लगा दी गई थी। इन्हें वनवे चलवाया जा रहा था, लेकिन कुछ दिन बाद ही यह व्यवस्था भी ठप हो गई।
हजारों की संख्या में ई-रिक्शा और दो पहिया वाहन जहां जिसका दिल करता है खड़े कर देता है, जिससे हर तरफ जाम ही जाम रहता है। अब बेहतरी रेलवे फाटक के बंद होने से हालत ज्यादा खराब हो गए हैं। जाम लगने पर कोई देखने वाला या व्यवस्था बनाने वाला नजर नहीं आता। सबकुछ भगवान भरोसे चल रहा है।
बेहतरी रेलवे फाटक पर रेलपथ मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके चलते फाटक संख्या 34 ए भी 29 जनवरी की सुबह आठ बजे से 30 जनवरी की शाम छह बजे तक पूरी तरीके से बंद रहेगा। सड़क को खोदकर रेल पटरी और स्लीपर बदले जाएंगे। इससे लोगों को खासकर वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
हरी बाबू यादव, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे