संभल। संभल को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने की घोषणा पर अमल के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रयास शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के सचिव की ओर से जारी पत्र के बाद पर्यटन विभाग के उप निदेशक ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने संभल के पांच तीर्थ स्थलों के विकास के लिए संयुक्त निरीक्षण करके कुछ कार्य कराने पर जोर दिया है। इसके लिए इस्टीमेट तैयार कराने के लिए कहा गया है। ताकि तीर्थ स्थलों पर चहारदीवारी, शौचालय, यात्री शेड, पेयजल व्यवस्था, साइनबोर्ड आदि की व्यवस्था की जा सके। आने वाले दिनों में संभल के तीर्थों के विकास की सरकारी योजना तैयार होगी जिस पर शासन से बजट मांगा जाएगा। बजट मिलने पर संभल के तीर्थों का विकास होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभल जिले के बहजोई में 9 जुलाई को आए थे। उन्होंने संभल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का एलान किया था। अब प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को शासन की मंशा से अवगत कराया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तीर्थ स्थलों के विकास के लिए योजना बनाई जाए। इस बीच डा. डीएन शर्मा ने कहा कि संभल के विकास के लिए पहले भी बहुत बातें हो चुकी हैं। अगर हकीकत में कुछ काम होता है तभी जनता यकीन करेगी। हिंदू जागृति मंच के पदाधिकारी अरुण अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन नगरी संभल को बहुत पहले घोषित हो जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं हो सका जबकि इसके लिए हम लोग कई बार केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा से भी मिले। कमलकांत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अमर उजाला ने तीर्थ स्थलों के महत्व को उभारने का जो काम किया है उसकी वजह से तीर्थों पर सरकार गंभीर हुई है। उम्मीद है कि जल्दी ही तीर्थ स्थलों का विकास शुरू हो जाएगा। इस क्रम में हिंदू संगठन अपना प्रयास जारी रखेंगे।
संभल के इन तीर्थ स्थलों को होगा विकास
1- श्री कल्कि मंदिर कोटपूर्वी, संभल।
2- चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, ग्राम चंदायन।
3- भुवनेश्वर महादेव मंदिर, मोहल्ला रायसत्ती।
4-पातालेश्वर (संभलेश्वर)महादेव मंदिर, तिवारी सराय।
5- सूर्य कुंड मंदिर, संभल नगर।