चंदौसी। रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में पड़े सूखे पत्तों व टहनियाें में किसी ने आग लगा दी। रात भर पेड़ों के नीचे आग जलती रही। हैरानी की बात यह है कि प्रशिक्षण संस्थान के जिम्मेदारों ने आग लगाने की बात से अनभिज्ञता जताई।
चंदौसी में रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में काफी संख्या में बड़े-बड़े पेड़ हैं। वसंत के सीजन तक पेड़ों के पत्ते सूख कर गिर जाते हैं और नई पत्ते आ जाते हैं। गर्मी के मौसम में पेड़ों के नीचे पड़े पत्तों और टहनियों से भयंकर आग लगने का खतरा रहता है। संबंधित विभाग को फरवरी से मार्च माह तक पेड़ों के नीचे से सूखे पत्तों की साफ सफाई करानी होती है।
चंदौसी के रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में पेड़ों के नीचे से किसी ने साफ सफाई नहीं कराई। मंगलवार की रात बदायूं रोड पर ट्रेनिंग कॉलेज के दूसरे गेट के पास परिसर में किसी ने पेड़ों के नीचे आग लगा दी। आग से पेड़ों के नीचे पत्ते व टहनियां जलती रही। प्रशिक्षण केंद्र पर प्रशिक्षुओं के क्वार्टरों के पीछे पूरी रात आग सुलगती रही। पर न तो किसी ने रात में आग बुझाना गंवारा किया और न हीं फायरब्रिगेड को सूचना दी। इससे वन अधिनियम में पेड़ों के नीचे आग लगाना अपराध हैं। पर जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
रात में किसी ने सूखे पत्तों में आग लगा दी होगी। जानकारी करता हूं कि किस स्थान पर आग लगी थी। अगर विभागीय स्टाफ ने आग लगाई होगी, तो कार्रवाई की जाएगी। -मोनू लूथरा, प्रधानाचार्य रेलवे प्रशिक्षण संस्थान चंदौसी