धनारी (संभल)। थाने के सामने 19 जून को आत्मदाह करने वाले मोरध्वज की मौत के मामले में मृतक के भाई राकेश कुमार की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं के आरोप हैं। आरोपियों ने पेट्रोल और लाइटर उपलब्ध कराया था।
गांव बगढेर निवासी सुरेंद्र, हप्पू उर्फ पप्पू, लालाराम और पन्नालाल को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने राकेश कुमार की भतीजी विमला के साथ गाली-गलौज की थी। विरोध करने पर सभी ने मिलकर मोरध्वज को आत्महत्या के लिए उकसाया। लालाराम और पन्नालाल पर पेट्रोल और लाइटर लाकर देने का आरोप है। आरोपियों के उकसावे में आकर मोरध्वज ने थाना गेट के सामने आग लगा ली थी।
गंभीर रूप से झुलसे मोरध्वज को पहले उपचार के लिए संभल जिला अस्पताल और मेरठ भर्ती कराया गया था। बाद में दिल्ली स्थित एम्स रेफर किया गया था। 20 जून को उपचार के दौरान मोरध्वज की मौत हो गई थी। 21 जून को शव गांव पहुंचा था और इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।
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दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित
इस मामले में पहले ही तीन पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। हल्का दरोगा ओमेंद्र सिंह, सिपाही राजकुमार और थाने का हेड मोहर्रिर गौतम सिंह को एसपी ने निलंबित किया था। इन पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप था। एसपी ने निलंबित की कार्रवाई के बाद विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। मोरध्वज का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था उसमें वह पुलिसकर्मियों पर परेशान करने का आरोप लगा रहा था। इस वीडियो के बाद ही एसपी ने जांच कराई थी और निलंबित करने की कार्रवाई की थी।
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दो पत्नियों के साथ पांच वर्षीय बेटे के सामने आर्थिक संकट
मोरध्वज की शादी 17 वर्ष पहले मीरा के साथ हुई थी लेकिन संतान की प्राप्ति नहीं हुई। करीब सात वर्ष पहले मीरा ने अपनी छोटी बहन माया से मोरध्वज की शादी करा दी थी। इसके बाद हिमांशु का जन्म हुआ। हिमांशु पांच वर्ष का है। मोरध्वज की मौत से इन तीनों के सामने आर्थिक संकट मंडरा गया है। पांच बीघा जमीन और इसके अलावा मोरध्वज मेहनत मजदूरी से परिवार का पालन पोषण करता था।
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मृतक के भाई ने गांव के चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल