चंदौसी/संभल। मौत के बाद कोरोना पीड़ित जमाती की लाश लाने से पीछे हटे दो स्वास्थ्यकर्मियों को संभल जिले में कार्रवाई के घेरे में लिया गया है। बहजोई थाने में संविदा चालक और स्वीपर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है।
कोरोना से पीड़ित होने की वजह से तमिलनाडु के 76 वर्षीय जमाती नूह ने 14 अप्रैल को रात मुरादाबाद में दम तोड़ दिया था। उनकी लाश वहीं रखी थी और परिजनों से संपर्क किया गया। क्योंकि अपनी मौत से पहले करीब एक महीने तक वह संभल के सरायतरीन में एक मकान में रह रहे थे। इसलिए यहां के लोगों का उनसे संपर्क बन गया था। जमाती के परिजनों से फोन पर बातचीत के बाद संभल में उनका अंतिम संस्कार कराए जाने की सहमति बनी।
इसके लिए प्रशासन व्यवस्था कर रहा था और सीएमओ डा. अमिता सिंह शव वाहन को भेजने के आदेश दिए। संविदा चालक पुष्पेंद्र और स्वीपर ह्रदेश की ड्यूटी लगाई गई लेकिन दोनों कर्मचारी किनारा कर गए। अपने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिए।
इस पर सीएमओ ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। चिकित्साधिकारी डा. विश्वास अग्रवाल ने बहजोई थाने में पुष्पेंद्र और ह्रदेश के खिलाफ तहरीर दी है। दोनों के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 व नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया है। डा. विश्वास अग्रवाल ने बताया कि तहरीर रिसीव हो गई है। देर रात एफआईआर दर्ज हो जाएगी।