जुनावई(संभल)। मात्र दो तीन बीघा जमीन, मजदूरी मिलना अनिश्चित, पत्नी के साथ ही मां और मानसिक रूप से कमजोर भाई के भरण पोषण की जिम्मेदारी, ऐसे में घोर आर्थिक तंगी के बाद भी शराब की लत ने एक झटके में परिवार को तहस नहस कर दिया।
थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया गर्भवती पत्नी के साथ फंदे पर लटक कर जान देने वाले ग्राम खेड़ा मानी के खौराज सिंह के पास दो-तीन बीघा ही जमीन थी, जिसमें परिवार पालना आसान नहीं था। वह दिल्ली जाकर मजदूरी करता और जो कुछ रुपये बचते उनसे परिवार को पाल रहा था। गांव आ जाता तो आसपास के गांवों में जाकर मजदूरी कर लेता, लेकिन यह जरूरी नहीं था कि उसे रोज मजदूरी मिल जाए। इसके बाद भी वह शराब का लती था। कुछ लोगों से उधार लेकर भी वह शराब पीता था। आर्थिक संकट से जूझती पत्नी से इसी को लेकर कलह रहती थी।
गांव के लोगों का कहना है कि खौराज ही घर में अकेला कमाने वाला था, लेकिन शराब की लत लगी होने के कारण वह अक्सर मजदूरी में मिलने वाले रुपयों की भी शराब पी जाता था। आर्थिक तंगी के चलते पैसों को लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। लोगों का मानना है कि इन्हीं कारणों से पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली। इसमें सरोज के गर्भ में पल रहे सात माह के बच्चे की भी मौत हो गई। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि शराब के कारण अक्सर दोनों के बीच होने वाला विवाद ही संभवत: आत्महत्या का कारण बना है।
तीन भाइयों में सबसे छोटे खौराज सिंह की ही हुई थी शादी
जुनावई। पत्नी के साथ फंदे पर झूलकर जान देने वाला खौराज सिंह पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था। दो बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। छह वर्ष पहले बड़े भाई पप्पू की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके एक वर्ष बाद ही पिता ने पुत्र वियोग में दम तोड़ दिया था। दूसरा बड़ा भाई राजेंद्र मानसिक रूप से कमजोर है। उसकी भी शादी नहीं हुई तीनों भाइयों में खौराज की ही तीन वर्ष पहले भिरावटी की सरोज देवी के साथ हुई थी। पत्नी के साथ खुद भी मौत को गले लगाने वाले खौराज के परिवार में अब उसकी मां कटोरी देवी एवं बड़ा भाई राजेंद्र सिंह ही बचे हैं। दंपती व गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि परिवार के लोग आत्महत्या के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। संवाद
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घटना को लेकर लगाए जा रहे कई तरह के कयास
जुनावई। खेड़ा मानी गांव में दंपती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में गांव वाले तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि पहले महिला ने गले में फंदा डालकर आत्महत्या की होगी, फिर खुद फंसने के डर से उसके पति खौराज सिंह ने आत्महत्या क ली। अहम बात यह है कि एक ही साड़ी के दोनों छोरों को पति-पत्नी ने गले में बांधकर जान दी थी। सोचनीय यह भी है कि छत में पड़े सरिया में आखिर महिला ने साड़ी कैसे डाली होगी। कुछ लोग दबी जुबान यह भी कह रहे हैं कि पहले पत्नी को फंदे पर लटकाया होगा और बाद में खुद गले में साड़ी का फंदा लगाकर लटक गया होगा।
युवक शराबी था, इसको लेकर अक्सर उसकी पत्नी से विवाद होता था। मौके पर पहुंची पुलिस की जांच में प्रकाश में आया है कि पहले महिला ने साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या की और इसके बाद उसके पति खौराज सिंह ने फंदे पर झूलकर जान दे दी। परिवार के लोगों के इनकार करने पर शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
-कृष्ण कुमार विश्नाेई, एसपी संभल