जनपद में अधिकांश इफ्को केंद्र और सहकारी समितियों पर खाद खत्म हो गई है। गेहूं की बुवाई को लेकर किसानों को खाद की आवश्यकता है। खाद नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को फसल बुवाई को लेकर खाद ब्लैक में खरीदना पड़ रही है। खाद मिलने की आस में किसान प्रतिदिन इफ्को केंद्र पर पहुंच रहे हैं। खाद नहीं होने पर निशान होकर घर लौट जाते हैं।
15 नवंबर को जनपद में खाद की रैक आई थी। इसके बाद जनपद में इफ्को केंद्र व सहकारी समितियों पर खाद भेजकर किसानों को वितरण कराने का कार्य प्रारंभ कर दिया। गेहूं की बुवाई को लेकर किसानों को खाद की अधिक आवश्यकता है। खाद नहीं मिलने से किसान अपनी फसल नहीं बो पा रहे हैं। किसान खाद मिलने की आस में रोजाना इफ्को केंद्र पर सुबह पहुंच जाते हैं। सुबह दस बजे केंद्र खुलने पर पता चलता कि खाद नहीं है, इसके बाद किसान निराश होकर घर चले जाते हैं। इफ्को केंद्र व सहकारी समितियों पर भी खाद नहीं है। ऐसे में वह क्या करें और क्या नहीं यही सोचकर परेशान है। मंडी समिति स्थित इफ्को केंद्र पर खाद लेने पहुंचे किसानों में झम्मन सिंह, हर किशोर, भजन लाल, प्रेम लाल, सतमेश, आनंद स्वरूप, मुन्नी देवी, मुस्लिम आदि शामिल थे। जो बिना खाद के ही लौट गए।
पिछले चार दिन से खाद लेने मंडी समिति स्थित इफ्को केंद्र पर सुबह छह बजे पहुंच रहे हैं। केंद्र पर खाद नहीं होने से बिना खाद लिए ही लौटना पड़ रहा है।-श्यौराज आसमपुर कुदैया
सोमवार को असालतपुर जारई के क्षेत्रीय सहकारी समिति पर खाद लेने गए थे। भीड़ अधिक होने पर खाद नहीं मिल सकी। मंगलवार को इफ्को केंद्र पर आए है, मगर खाद नहीं है। -मनोज कुमार, आलमपुर कुदैया
गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है, इफ्को केंद्र व सहकारी समितियों पर खाद नहीं है। जिससे किसान परेशान है और ब्लाक में खाद खरीदने को मजबूर बना है। -चरन सिंह, रतनपुर
किसान काफी संख्या में सुबह छह बजे से इफको केंद्र पर खाद मिलने की आस में पहुंच जाते हैं। खाद नहीं होने पर उन्हें बिना खाद के ही घर लौटना पड़ता है। -धीरेंद्र, मंगलपुर