चंदौसी। गर्भवती महिला को उपचार सही नहीं मिलने से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने महिला का दूसरे चिकित्सक से आपरेशन कराकर मृत बच्चे को बाहर निकाला। महिला ने उक्त चिकित्सक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं हुई। न्यायालय की शरण ली गई तो न्यायालय ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए।
बहजोई थाना क्षेत्र के मोहल्ला राजेश कुमारी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी आठ माह की गर्भवती पुत्रवधू नेहा की तबीयत 27 मार्च को अचानक खराब हो गई। तब महिला ने अपनी पुत्रवधू को उपचार के लिए सुभाष रोड स्थित एक महिला चिकित्सक के पास भर्ती कराया। दो दिन उपचार के बाद भी महिला की बिल्डिंग नहीं रुकी और महिला की तबीयत अधिक बिगड़नी शुरू हो गई। 29 मार्च की शाम पांच बजे गर्भवती की हालत ज्यादा बिगड़ने पर महिला चिकित्सक ने उपचार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद महिला ने अपनी पुत्रवधू का उपचार संभल स्थित एक अस्पताल में कराया। यहां अल्ट्रासाउंड के बाद महिला चिकित्सक ने गर्भ में पल बच्चे को मृत पाया। इसके बाद आपरेशन कर बच्चे को बाहर निकाला।
राजेश कुमारी ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। तब महिला ने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय ने सीएमओ संभल को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सीय लापरवाही के संबंध में किसी विशेषज्ञ चिकित्सक/चिकित्सकगण को नामित कर उक्त प्रकरण में जांच कराई जाए। इसके बाद जांच न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।