मंडी समिति में केंद्र प्रभारी का इंतजार करते किसान।
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गेहूं की सरकारी खरीद में कुछ बिचौलिए सक्रिय हैं। सरकार के तमाम निर्देश और मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण का भी असर पूरी तरह से नहीं है। भाकियू के मंडल महासचिव संजीव गांधी का कहना है कि कई केंद्रों पर बिचौलिए सक्रिय हैं, जो अपने परिचितों के नाम पर गेहूं की आपूर्ति कर रहे हैं और असली किसानों से नकद मूल्य देकर गेहूं खरीद रहे हैं। ऐसे बिचौलियों चिह्नित कर खरीद से हटाया जाए।
मुरादाबाद में गेहूं खरीद का फर्जीवाड़ा सामने आया है। संभल में भी बिचौलियों की सक्रियता की जानकारी मिल रही है। कुछ केंद्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों से अग्रिम रुपये लिए जा रहे हैं पर हैरत की बात यह है कि किसान इस संबंध में अपनी ओर से किसी केेंद्र के बारे में अधिकारियों तक शिकायत नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में अधिकारी कह रहे हैं कि उनके पास कोई शिकायत ही नहीं आई है। जानकारों का कहना है कि अगर गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल कराई जाए तो गेहूं खरीद का फर्जीवाड़ा भी सामने आएगा। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने क्रय केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि समर्थन मूल्य पर सीधे किसान से ही खरीद जाए।