संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने जिले के सभी बिजलीघरों पर संशोधन बिल-2022 की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शन कर कहा कि किसान संगठनों की बिना राय के सरकार संशोधन बिल लाई है, यह किसानों के धोखा है। इसे वापस लिया जाए।
मंगलवार को सलखना बिजलीघर पर युवा जिलाध्यक्ष दिनेश सिरोही और मुकेश सिंह के नेतृत्व में प्रतियां जलाई गईं। लखौरी बिजलीघर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी संजीव गांधी, रंपुरा बिजलीघर पर जियाउल हक, सिंहपुरसानी में अर्जुन सिंह, ऐंचोड़ा कंबोह में कामेश त्यागी, सेंडा बिजलीघर पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मास्टर जयवीर सिंह यादव, खिरनी बिजलीघर जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, किरारी बिजलीघर पर वीरेश यादव, पवांसा बिजलीघर पर यशपाल सिंह, असमोली में मास्टर चुन्नी के नेतृत्व में बिल की प्रतियां जलाकर विरोध जताया गया।
वहीं बहजोई में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे विद्युत उपखंड परिसर में प्रदेश प्रमुख सचिव आशिक रजा के नेतृत्व में एकत्र हुए पदाधिकारियों को विद्युत संशोधन बिल के परिणामों से रू-ब-रू कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धीरे-धीरे सभी सरकारी उपक्रमों को निजी क्षेत्र में देती जा रही है। यहां लाखन सिंह, घनश्याम, कुंवरपाल, राजेद्र, धर्मवीर, ओमकार आदि मौजूद रहे।
बिजली कानून वापस ले, वरना किसान आंदोलन को होंगे बाध्य
चंदौसी/धनारी/गुन्नौर। भाकियू असली के तहसील अध्यक्ष धर्मवीर सिंह के नेतृत्व के पदाधिकारी मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मुरादाबाद रोड स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। किसानों ने कहा कि नया बिजली बिल किसान विरोधी है। सरकार बिल को वापस ले, वरना किसान आंदोलन को बाध्य होंगे। यहां ब्रजपाल सिंह, अमीर चंद्र, प्रशांत कुमार आदि रहे। धनारी में राष्ट्रीय प्रमुख सचिव शिव पाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है जिससे उनकी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई है और सरकार बिजली का बिल बढ़ाने का कार्य कर रही है। यहां ऋषिपाल सिंह, मोरध्वज यादव, भूरे सिंह आदि रहे। गुन्नौर विद्युत उपकेंद्र पर भी भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने किसान नेता ऋषिपाल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। यहां जिला सचिव सतीशचंद्र, तहसील अध्यक्ष सूरजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह आदि रहे।