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चकबंदी में भ्रष्टाचार को रोकने समेत कई मुद्दों को लेकर भाकियू ने डाला डीएम दफ्तर पर डेरा

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बहजोई। चकबंदी समेत कई विभागों में भ्रष्टाचार समेत बिजली व सिंचाई आदि मुद्दों को लेकर भाकियू पदाधिकारियों ने डीएम दफ्तर पर डेरा डाल दिया। करीब घंटे भर के संबोधन व नारेबाजी के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
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गुरुवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रमुख महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव व जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव के नेतृत्व में पदाधिकारी व किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और चकबंदी समेत दूसरे विभागों में भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए डीएम दफ्तर पर डेरा डाल दिया। प्रदेश प्रमुख महासचिव ने कहा कि चकबंदी विभाग में घोर भ्रष्टाचार के बावजूद अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। बिजली, सिंचाई व राशन वितरण में फैले भ्रष्टाचार की कई बार आला अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। बावजूद इसके नतीजा कुछ नहीं निकला, न तो कोई जांच की गई और न ही कोई कार्रवाई हो सकी। जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव ने कहा कि गन्ना किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस ले। गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण में चंदौसी व संभल के किसानों से भूमि अधिग्रहण कर ली गई है, लेकिन सर्किल रेट कम होने से बाजार से भी कम राशि दी जा रही है।
इस बीच किसानों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया गया कि जिले में कोटेदारों की ओर से प्रति यूनिट एक किलोग्राम कम खाद्यान्न दिया जा रहा है। मक्का-बाजरा की फसल तैयार है। क्रय केंद्र न बनाए जाने से न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। चकबंदी के मुकदमों को निपटाने के लिए डीडीसी के रिक्त पद को भरा जाए। ज्ञापन पर मंडल प्रवक्ता संजीव यादव, रामवीर सिंह यादव, जबरसिंह यादव व रामाशंकर शर्मा हनुमान आदि के नाम हैं।
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