संभल। जिले में असमोली, रजपुरा और मझावली चीनी मिल पर किसानों का 122 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान करने के मामले में असमोली, रजपुरा चीनी मिल मझावली से आगे हैं। असमोली मिल समय पर भुगतान भी कर रही है। डीसीओ का कहना है कि भुगतान कराने के लिए विभाग प्रयासरत हैं।
असमोली चीनी मिल ने वर्तमान पेराई सत्र में अब तक 56.39 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 194 करोड़ रुपये है। मिल ने 149 करोड़ का भुगतान कर दिया है जबकि 44 करोड़ रुपये बकाया है। रजपुरा चीनी मिल ने 51.84 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 179 करोड़ रुपये है, इसमें से मिल ने 141 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 38 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, मझावली चीनी मिल ने 14.60 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 50 करोड़ रुपये किया जाना है पर मिल ने अब तक सिर्फ 10 करोड़ भुगतान किया है। जबकि 39 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में समय पर बकाया गन्ना भुगतान न मिलने के कारण किसान परेशान हैं और वह लगातार कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन का निर्देश है कि चीनी मिल को किसान से खरीदे गए गन्ने का 14 दिन के बाद भुगतान करना होता है। लेकिन चीनी मिल इस निर्देश का भी पालन नहीं कर रही हैं।
जिले में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या एक लाख के आसपास है। इन किसानों का जिले की धामपुर शुगर मिल असमोली और रजपुरा व वीनस शुगर मिल मझावली गन्ना खरीदती हैं। इसके अलावा गैर जनपद में बिलारी, शाहबाद और चंदनपुर की चीनी मिल भी जिले के किसानों का गन्ना खरीद करती हैं। असमोली मिल शत-प्रतिशत भुगतान करती चल रही है।
बकाया गन्ना भुगतान न करने वाली चीनी मिलों को नोटिस दिए जाएंगे। किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने के लिए जल्द ही सख्त कार्रवाई होगी। किसानों का जल्द से जल्द भुगतान कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। -राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी, संभल।