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फोटो: यूरिया की आस में चंदौसी में रात बिता रहे बदायूं, रामपुर के किसान

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संभल। खाद के लिए चंदौसी मंडी समिति इफ्को केंद्र पर किसानों की भारी भीड़ लगी। इफ्को केंद्र पर करीब 150 किसान थे। पूछने पर पता चला कि आधे से अधिक किसान जनपद बदायूं और रामपुर के थे। किसान बोले, क्या करें भैया धान की फसल में यूरिया डालनी है। हमारे जिले में यूरिया नहीं मिल रही है तभी तो चंदौसी आना पड़ रहा है। गुरुवार को सुबह 11 बजे से लाइन में लगे थे, लेकिन पांच बजे तक खाद नहीं मिली तो रात को यही सो गए थे। सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हैं। चंदौसी और पड़ोसी जनपद में यूरिया की किल्लत का यह मात्र एक बानगी है। यूरिया के लिए किसान सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। वही अधिकारी यूरिया की निरंतर आपूर्ति का दावा कर रहे हैं।
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चंदौसी में इफ्को केंद्र से रोजाना करीब 70 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो रही है। पिछले करीब 15 दिनों से यूरिया की खरीद को लाइनें लग रहीं हैं। चंदौसी में यूरिया की दुकानों पर कुढ़फतेहगढ़, बनियाठेर, धनारी, जुनावई, पड़ोसी जनपद बदायूं, रामपुर के किसानों की भीड़ है। बदायूं जनपद के गांव हसरौल निवासी किसान पप्पू, गोपाल, रामपाल, हिरेश, अवधेश, दिनेश, श्रीपाल निवासी, रामपुर के बड़ागांव निवासी मुजम्मिल ने बताया कि उनके जिलों में यूरिया खाद नहीं है। गुरुवार को चंदौसी यूरिया लेने आए थे। यहां टोकन से खाद की बिक्री जाती हैं। शाम तक खाद नहीं मिली तो रात को रुककर यही सो गए थे। शुक्रवार को सुबह से लाइन में लगे हैं। दस बजे दुुकान खुलेगी। इसके बाद टोकन बांटे जाएंगे। टोकन से ही खाद मिलेगी।
इन क्षेत्रों के हैं किसान
चंदौसी में इफ्को केंद्र, बदायूं चुंगी पर किसानों की भीड़ लगी थी। पूछने पर पता चला कि रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के बड़ा गांव, खंदेली, ढकिया, बदायूं जनपद के गांव नसरौल, भूड, हसरौल, फैजगढ़ बेहटा आदि जगह के किसान थे।
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दूर-दराज से आईं महिला भी लाइन में लगी
चंदौसी। चंदौसी में यूरिया खरीदने के लिए महिला किसान भी परेशान है। जुनावई क्षेत्र के गांव मोहम्मपुर काशी निवासी जैबुनिशा, कुढ़फतेहगढ़ के गांव लालपुर चैचरी निवासी सर्वेश देवी, गांव सराय ज्वालापुरी निवासी शांति देवी, दासपुर गंगरौली की महिला किसान इफ्को केंद्र पर बैठी थीं। महिलाएं बोलीं, फसल को यूरिया की जरूरत है। मजबूरी में शुक्रवार की सुबह को ही आ गए । कल आए थे पर खाद नहीं मिली थी। खाली हाथ वापस जाना पड़ा था।
धान की फसल में यूरिया डालनी हैं। क्षेत्र की सहकारी समिति पर यूरिया नहीं है। इस कारण चंदौसी आना पड़ रहा है। फसल में यूरिया नहीं लगाएंगे, तो उत्पादन प्रभावित हो जाएगा।
खेमकरन सिंह, निवासी धर्मपुर रत्ता।
चंदौसी में भी टोकन से खाद मिल रहा है। सुबह से ही लाइनें लग जातीं हैं। इस कारण रात को यही रुक गए थे। शुक्रवार सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हैं। दस बजे टोकन बंटेंगे, इसके बाद ही खाद मिलने की उम्मीद है।
फिरासत, निवासी नसरौल बदायूं
रामपुर में खाद नहीं है। इसलिए ही चंदौसी आए हैं। गुरुवार की रात को यही रुके थे। शुक्रवार की सुबह से लाइन में लगे हैं। फसल को खाद देना है तो परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यूसुफ, बड़ा गांव रामपुर।
गांव के कई लोग एकत्र होकर आए थे। गुरुवार को दिन भी लाइन में लगे रहे। खाद नहीं मिली, तो यही रुक थे। घर से सुबह पांच से चंदौसी आना संभव नहीं था। अब यूरिया के लिए लाइन में लगे हैं।
मुजम्मिल, निवासी भूड़ी बदायूं।
इफ्को की आपूर्ति कम, इस कारण लगी लाइन
खाद की किल्लत नहीं है। गुजरात से आने वाली इफ्को की रैक नहीं आ पाई है। सड़क मार्ग से रोजाना दस ट्रक खाद आ रही है। इसमें से चार ट्रक इफ्को केंद्र और छह ट्रक अन्य समितियों को दिया जाता है। खाद कम आने के कारण भीड़ दिखाई दे रही है। डीएम ओर से पत्र लिखवाया गया है। दस अगस्त तक एक रैक यूरिया की चंदौसी आने की उम्मीद है। सभी समितियों पर खाद पहुंच जाएगी तो भीड़ नहीं लगेगी।
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नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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