बहजोई (संभल)। भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने ब्लॉक परिसर में मासिक पंचायत कर आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें गोवंश संरक्षण व चकबंदी के मुद्दे प्रमुख हैं।
ज्ञापन में कहा कि ग्राम पंचायतों में गंदगी का अंबार है। इससे गंभीर बीमारियां पनप रही हैं। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम पंचायतों में खुली बैठक भी नहीं की जा रही हैं। जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं के क्रियांवयन को पलीता लग रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई सत्र शुरू हुए दो माह बीतने को हैं, लेकिन सरकार गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य घोषित नहीं कर पा रही है। इससे किसानों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। गन्ने का मूल्य 450 रुपए प्रति कुंतल घोषित करने समेत चीनी मिलों की ओर से बड़े पैमाने पर हो रही घटतौली पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा गौवंश संरक्षण के कार्य में भी तेजी लाई जाए। ग्राम पंचायतों में सचिवों के नियमित तौर पर न पहुंचने से भी लोगों के कई कार्य लंबित रहते हैंश्र। चकबंदी विभाग की ओर से किसानों का शोषण किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सकों के अभाव में किसान को उपचार व दवाइयों के लिए भटकना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति रात के स्थान पर दिन मे की जाए। अनाज मंडी समितितो में धान की खरीद एमएसपी से ऊपर की जाए। वहीं, किसानों ने दो सप्ताह में समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। अध्यक्षता रामवीर सिंह ने व संचालन केपी राणा ने किया। ज्ञापन में शीशपाल सिंह समेत सत्यभान, भानसिंह, पंकज, रामखिलाड़ी व दिनेश आदि रहे।