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20 फीट गहरी कुइयां में गिरकर किसान की मौत

Sun, 31 Dec 2017 02:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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किसान का फाइल फोटो - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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बहजोई थाना क्षेत्र के किसौली गांव में खेत पर नलकूप की 20 फीट गहरी कुइयां में गिरकर किसान की मौत हो गई। आसपास के लोगों ने शव को बाहर निकाला। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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तहसील क्षेत्र के किसौली गांव में साजन उर्फ हरज्ञान सिंह (35) शनिवार को खेत पर पहुंचा। वहां नलकूप चलाकर गेहूं की फसल की सिंचाई करने लगा। इस बीच बोरिंग की कुइयां में से आ रहे लोहे के पाइप से पानी निकलने लगा। लगभग एक बजे वह पाइप को ठीक करने में जुट गया। तभी उसका पैर फिसल गया और साजन उर्फ हरज्ञान सिंह कुइयां में गिर गया।

आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। मगर तब तक मौत हो चुकी थी। साजन उर्फ हरज्ञान सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी थी और खून निकल रहा था। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन शव को देखकर बिलखने लगे। बेटे अमित और मोती का रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस ने भी मौके पर हादसे की जानकारी ली। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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ढांग गिरने से हादसों का खतरा, फिर भी मिट्टी खोदती हैं महिलाएं
संभल। प्रशासन चाहे जितनी भी सख्ती करे। मगर गांव की महिलाएं घर के लिए जान जोखिम में डालकर मिट्टी खोदती हैं। जबकि उन्हें पता है कि हादसा हो सकता है। लेकिन तालाब के किनारे महिलाओं को मिट्टी खोदते देखा जा सकता है। ऐसी ही तस्वीर शनिवार को गांव अतरासी में तालाब के किनारे दिखाई दी।


सरकारें दावे करती हैं कि प्रत्येक गरीब को अपना आशियाना दिया जाएगा। लेकिन घर अभी गरीबों से काफी दूर है। लोहिया आवास और इंदिरा आवास की योजनाएं चलने के बावजूद गरीबों को इनका लाभ नहीं मिल सका है। सरकारी तंत्र और जिम्मेदार लोग गरीबों तक यह योजना पहुंचाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही मामला कुछ दिन पहले पवांसा ब्लाक के सिहोरी गांव मेेेें सामने आया था।

आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव ने गरीब महिला जो घास-फूस के घर से गुजारा कर रही थी। उसे आवास के लिए अपात्र दर्शा दिया। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे ही मामलों की वजह से भी महिलाएं घर की लिपाई-पुताई और घर निर्माण के लिए मिट्टी खोदती हैं। साफ है कि अगर योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो जाए तो सभी को पक्की छत में रहने का मौका मिलेगा और हादसों में भी कमी आएगी।
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