गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में दो भाइयों द्वारा मुंबई की दो नामी कंपनियों के ब्रांड पर कृषि उपयोग की नकली कीटनाशक दवाएं बनाकर लाखों का मुनाफा कमाया जा रहा था। जिससे एक तरफ तो कंपनी का नाम बदनाम हो रहा था तो दूसरी ओर किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है।
कंपनी प्रतिनिधि ने कोतवाली पुलिस के साथ छापेमारी करके दवाओं की पैकिंग करते एक को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि दूसरा दवा निर्माता भागने में सफल हो गया। बड़ी मात्रा में ब्रांडेड रैपर वाली शीशियां व तैयार दवा बरामद की गई है। दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ कॉपी राइट एवं ट्रेड मार्क एक्ट के साथ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
गुन्नौर के मुहल्ला सराय में कृषि खरपतवार व कीटनाशक दवा क्षेत्र की नामी गिरामी कंपनियों के नाम से नकली कीटनाशक बनाकर बाजार में सप्लाई करने की सूचना डिपांड इंडिया व डो एग्रो साइसेंस के मुंबई हेडक्वार्टर को मिली तो कंपनी के पायरेसी डिफेंस के आपरेशन मैनेजर अशोक कुमार बुधवार को गुन्नौर पहुंचे।
कोतवाली पुलिस के साथ सराय मुहल्ले में रामस्वरूप के पुत्र ब्रजलाल व गजराम सिंह के आवास पर छापेमारी की। यहां गजराम तो भाग गया लेकिन ब्रजलाल मौके पर ही इन्हीं कंपनियों के रैपर वाली शीशियों में दवा भरते मिल गया। यहां पर डिपांड इंडिया के 4486 होलोग्राम, 202 खाली शीशी, 828 भरी तैयार शीशी तथा डो एग्रो के 104 खाली शीशी, 3200 होलोग्राम, 445 भरी शीशियां बरामद हुई, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
इन दोनों कंपनियों के यह कीटनाशकों का गन्ना, धान, गेहूं, सब्जियों पर छिड़काव किया जाता है। छापेमारी से जिलेभर में खलबली मच गई। सूचना है कि जिले में कुछ अन्य स्थानों पर भी कीटनाशक व खरपतवार नाशक नकली दवाओं का उत्पादन किया जा रहा है।
जिससे बड़ी कंपनियों को आर्थिक नुकसान के साथ साथ उनकी साख पर भी बट्टा लग रहा है, साथ ही किसानों के साथ भी धोखा किया जा रहा है। क्योंकि जो नकली दवाएं बेची जा रही हैं, उनके कीटनाशक नहीं मरते हैं, फसलों को भी नुकसान पहुंचता है। गुन्नौर कोतवाली में आपरेशन मैनेजर अशोक कुमार ने ब्रजलाल व गजराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी है। पुलिस ने ब्रजलाल को गिरफ्तार कर लिया है।