संभल। हर महिला शक्ति स्वरूपा है। बस जरूरत है, खुद को पहचानने की। यह कहना है संभल की उन महिलाओं का, जिन्हाेंने तमाम चुनौतियों का सामना कर अपना मुकाम हासिल किया है। महिलाओं ने कहा कि हौसले के साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगर कदम उठाए जाएं तो चाहें कितनी भी दिक्कत सामने आएं मंजिल मिल ही जाती है। महिला होकर भी वह न सिर्फ अच्छा मुकाम हासिल कर लेती हैं बल्कि समाज की दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन अमर उजाला ने ऐसी ही कुछ महिलाओं से बातचीत की तो उन्होंने बेबाक तरीके से अपनी बात रखी और महिलाओं को प्रेरित किया। संभल शहरी क्षेत्र की भी कई महिलाओं ने नारी शक्ति का प्रदर्शन कर समाज को अलग संदेश दिया है। कई चुनौतियां सामने आने पर दिक्कतों से जूझते हुए समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी करती हैं। महिलाओं का कहना रहा कि यह कतई न समझा जाए कि वह महिला हैं। बल्कि अगर सपना देखा है और आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं तो रुकावटों को दरकिनार करते हुए अपने काम को अंजाम पहुंचाएं। संवाद