बहजोई के गांव कमालपुर में विलाप करते मृतकों के परिजन व रिश्तेदार। संवाद
बहजोई। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर गांव खाकम के निकट शुक्रवार को करीब रात आठ बजे कैंटर की टक्कर से बाइक सवार गांव कमालपुर निवासी आंगनबाड़ी सहायिका विमलेश समेत पति सुरेश व बेटे प्रतीक की जान चली थी। अगले दिन शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे जैसे ही आंगनबाड़ी सहायिका समेत पति व बेटे का शव गांव पहुंचा, तो शव वाहन के पीछे-पीछे पूरा गांव चल दिया।
जैसे ही मृतकों के शव शव वाहन से उतारे गए, परिजनों व रिश्तेदारों की चीख-पुकार शुरू हो गई। गांव भर के लोगों की आंखों में आंसू थे। जहां एक ओर परिजन व रिश्तेदार तीनों शवों से लिपट-लिपटकर रो रहे थे।
वहीं, कुछ लोग नम आंखों से परिजनों व रिश्तेदारों को ढांढस बंधा रहे थे। इसके बाद शाम को करीब सात बजे तीनों शवों का संस्कार कर दिया गया। मृतक सुरेश के बड़े बेटे शिवम ने तीनों चिताओं को मुखाग्नि दी।
इस बीच एहतियात के लिए गांव में पुलिस भी मौजूद रही।