बहजोई। रविवार को मिर्जापुर के निकट हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत से गांव मंडनपुर में मातम पसरा है। हर आंख नम थी। परिजनों को ढांढस बंधाने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुुंचे। दोनों युवकों के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों व रिश्तेदारों समेत ग्रामीणों की भीड़ रही।
15 मार्च को बहजोई-इस्लामनगर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में बाइक सवार गांव मंडनपुर निवासी युवक सत्यवीर व गजेंद्र की मौत हो गई थी। अगले दिन 16 मार्च को दोपहर में जब दोनों युवकों के शव घर पहुंचे, तो परिजनों व रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीण भी गमगीन रहे। वहीं, राजनैतिक दलों से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह खड़गवंशी व मंजू दिलेर चौहान समेत अन्य पदाधिकारी भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर सांत्वना दी। दोपहर बाद दोनों युवकों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच, गांव समेत आसपास के कई गांवों व नगरों से आए लोगों की भीड़ रही।
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परिवार के पालन पोषण के लिए बड़ा सहारा थे दोनों युवक
बहजोई। अंतिम संस्कार के समय मंडनपुर के ग्रामीणों का कहना था कि अपने-अपने परिवार के पालन पोषण के लिए मृतक दोनों युवक सत्यवीर व गजेंद्र बड़ा सहारा थे। सत्यवीर अपने घर में इकलौता था और गजेंद्र दो भाइयों में छोटा था। अपने-अपने परिवार के पालन पोषण के लिए दोनों युवक नोएडा में जाकर एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे।
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सैफ के शव को भी किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बहजोई। रविवार को मिर्जापुर के निकट हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मिर्जापुर निवासी युवक सैफ का शव जब सोमवार को दोपहर मोहल्ला कुरैशियान निवासी उसके मामा रफीक के घर पहुंचा, तो परिजनों व रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। लोगों का कहना था कि बीते डेढ़ वर्ष में सैफ के बड़े भाई की बीमारी से व पिता की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। अब वह अपने मामा के पास बहजोई में रहता था। वहीं, सोमवार को दोपहर के समय सैफ का शव सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। इस बीच, लोगों की खासी भीड़ रही। लोग आकर परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।
कोट
सड़क हादसे को लेकर अभी तक किसी भी ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
संत कुमार, प्रभारी इंस्पेक्टर, कोतवाली बहजोई।