संभल में आजम खां ने करीब तीस मिनट के भाषण में कहा कि ‘गुजरात के रावण’ ने पूरे हिंदुस्तान की जम्हूरियत को जलाया है। अगर रावण को जलाना है तो लखनऊ में नहीं, गुजरात में जलाओ।
आजम खां गुरुवार संभल में दोपहर एक बजे कुरुक्षेत्र मैदान में बैट्री चालित ई-रिक्शा का वितरण करने आए थे। उन्होंने कहा कि गुजरात में बीजेपी को कमजोर वर्ग और मुसलमानों को जो वोट मिला है वह भय का परिणाम है। दंगों की याद दिलाकर मुस्लिमों और आम लोगों को धमकाया गया था तभी भाजपा को वोट मिला था।
उन्होंने मुसलमानों को कांग्रेस और बीजेपी के साथ साथ यूपी के चुनावी समर में आने वाली ओवैसी की पार्टी से भी सावधान किया। सबसे अधिक फोकस मुसलमानों और कमजोर वर्ग के वोट पर ही रहा। गुजरात के दंगों और कत्लेआम का जिक्र करते हुए उन्होंने मुसलमानों का वोट सपा की झोली में बनाए रखने की पुरजोर कवायद की।
वहीं नाम लिए बगैर ओवैसी की पार्टी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से इमरजेंसी में लोकतंत्र की हत्या की थी उसी तरह से भाजपा ने गुजरात में कत्लेआम करके जम्हूरियत का गला घोंटा है। उन्होंने अपनी स्पीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के बादशाह कहकर संबोधित किया और कहा कि 1947 के बाद इंसानियत का सबसे ज्यादा कत्ल गुजरात में हुआ है।
‘उन पर भरोसा मत करो जिन्होंने बाबरी मस्जिद का ताला खुलवाया था’ ः संभल। नगर विकास मंत्री आजम खां ने गुरुवार को मुसलमानों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद को शहीद करने वाले भरोसे के लायक नहीं है। उन पर भरोसा मत करो, जिन्होंने बाबरी मस्जिद का ताला खुलवाया था। ई-रिक्शा वितरण का कार्यक्रम पहले बहजोई में प्रस्तावित था, लेकिन अचानक इसका स्थान बदल कर संभल किया गया। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि मुस्लिम आबादी को ध्यान में रखकर संभल में यह कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा का निशाना उत्तर प्रदेश है लेकिन जिस दिन उत्तर प्रदेश छीन लिया जाएगा। उस दिन की कल्पना करते हुए अपने बारे में सोचो क्या होगा? जब उनके हाथ में सत्ता की बागडोर आएगी तो आने वाला कैसा होगा यह सोचकर तैयारी करो। क्योंकि सवाल हिंदू और मुसलमान का हरगिज नहीं है। सवाल इस बात का है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों का मुस्तकबिल किसके हाथों में महफूज होगा। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव मुसलमान नहीं हैं लेकिन उनके हाथों में भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि आप सोचिए कि हमने किसी मुस्लिम पार्टी में या मुस्लिम लीडर की ओर क्यों नहीं देखा। क्योंकि हमने सियासत में लंबा सफर किया है। हमने समझा है कि कौन कैसा है। हम जानते हैं कि आप यहां महफूज रहेंगे।