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संभल बिजली चोरी: सांसद बर्क को 22 फरवरी तक की मोहलत, विभाग ने खपत के साक्ष्य पेश करने का नोटिस किया जारी

Sat, 08 Feb 2025 11:47 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर 1.91 करोड़ रुपये बिजली चोरी के जुर्माने मामले में अब 22 फरवरी को सुनवाई होगी। सांसद के अधिवक्ता के आग्रह पर बिजली विभाग ने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। दिसंबर में उनके आवास पर 16 किलोवाट की अनधिकृत बिजली खपत पाई गई थी।
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जियाउर्रहमान बर्क, सासंद संभल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर बिजली चोरी में लगे जुर्माने के मामले में अब 22 फरवरी को सुनवाई होगी। बिजली विभाग से सांसद के अधिवक्ता ने समय दिए जाने के लिए शुक्रवार को प्रार्थनापत्र दिया था। जिस पर विभाग ने अब 15 दिन का समय दिया है। इस तिथि तक सांसद को बिजली खपत के साक्ष्य प्रस्तुत करने हैं।

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अधीक्षण अभियंता (विद्युत) विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि तीन नोटिस और दो रिमाइंडर दिए जा चुके हैं। साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के लिए अंतिम सुनवाई सात फरवरी को तय थी। सांसद के अधिवक्ता ने समय दिए जाने का आग्रह किया था। जिस पर समय दिया गया है। 19 दिसंबर को सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित आवास पर बिजली चोरी बिजली विभाग ने पकड़ी थी।

मौके पर 16 किलोवाट से ज्यादा भार की खपत मिली थी। जबकि सांसद जियाउर्रहमान बर्क और पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से दो-दो किलोवाट के दो मीटर लगे थे। जिसमें कई महीने की खपत जीरो थी। जिसके चलते बिजली चोरी की आशंका गहराई थी। जब मीटर की जांच हुई तो उसमें बिजली चोरी की पुष्टि हुई थी। बिजली विभाग द्वारा 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसी क्रम में सुनवाई चल रही है।

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मकान के अवैध निर्माण मामले में सुनवाई 10 को

सांसद के दीपा सराय स्थित मकान के अवैध निर्माण मामले में सुनवाई 10 फरवरी को होनी है। नियत प्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र संभल की ओर से सांसद जियाउर्रहमान बर्क को बिना अनुमति निर्माण करने पर जो नोटिस जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि दीपा सराय में जो मकान का निर्माण कार्य चल रहा है उसका नक्शा पास नहीं कराया गया है। यह उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन है। इसमें तीन नोटिस जारी हो चुके हैं। सांसद के अधिवक्ता के आग्रह पर तीन बार समय भी बढ़ाया गया है। 10 फरवरी को अंतिम तिथि तय है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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सांसद के अधिवक्ता ने 15 दिन का समय मांगा था। अब 22 फरवरी को मामले की सुनवाई की जाएगी। उसके बाद आगे का निर्णय होगा। जुर्माने की अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद जुर्माने की धनराशि की वसूली होगी। -विनोद कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता (विद्युत), संभल
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