चंदौसी। मंडी समिति डबल फाटक पर स्वीकृति आरओबी यानी रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए बिजली विभाग ने एनओसी जारी कर दी है। कार्यदायी संस्था ने स्टीमेट भी जमा कर दिया है। ठेकेदार को जल्द ही बिजली की लाइन हटाने काम शुरू करेगा। पर वन विभाग की एनओसी अभी अटकी हुई है।
चंदौसी मंडी समिति डबल फाटक पर 56 करोड़ की लागत से आरओबी स्वीकृत है। सेतुनिगम की ओर से बरेली की एजेंसी को काम सौंपा गया है। आरओबी निर्माण के लिए पेड़ व बिजली की लाइन हटाई जानी हैं। कार्यदायी संस्था ने करीब दो माह पहले वन विभाग और बिजली विभाग को पत्र लिखकर एनओसी जारी कराने की मांग की है। बिजली विभाग की ओर से एनओसी जारी कर दी है। लाइन, खंभे, ट्रांसफार्मर को हटाने में आने वाले खर्च का स्टीमेट कार्यदायी संस्था ने जमा कर दिया है। बरेली की एजेंसी को आरओबी निर्माण का काम शुरू करना है। उसे ही बिजली की लाइन, खंभे आदि हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने हैं। लाइन हटाने के लिए सर्वे इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना हैं।
बनाने के साथ ही सर्विस लाइन भी बनाई जानी है। इसमें करीब 45 पेड़ हैं, जिन्हें काटा जाएगा। कार्यदायी संस्था ने वन विभाग को आवेदन किया था। विभाग की ओर से स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। वन अधिनियम के तहत जितने पेड़ काटे जाते हैं, उतने ही पेड़ रोपित किए जाने आवश्यक होते हैं। संभल में वन विभाग के पास अपनी जमीन नहीं है। संभल डीएफओ ने बिजनौर जनपद में पौधे रोपित करने की स्वीकृति मांगी हैं।
चुनाव आचार संहिता लगने से पहले माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने 16 मार्च को आरओबी निर्माण के लिए शिलान्यास किया था। बिजली विभाग व वन विभाग की एनओसी के चक्कर में अभी तक काम रुका हुआ था।