संभल। आंधी और तेज बारिश के बीच रविवार को दोपहर दो बजे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली लाइनें ब्रेक डाउन में चली गईं थीं। इन लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए थे। कुछ स्थानों पर खंभे टूट गए थे। बिजली लाइनों पर सोमवार को सुबह दस बजे काम शुरू हुआ लेकिन दोपहर एक बजे जब संविदा लाइनमैन हरीश को उपचार के लिए विभाग की ओर से कोई मदद न दिए जाने के विरोध में चंदौसी डिवीजन के 117 कर्मचारियों ने लाइनें ठीक करने के काम को रोक दिया।
उसके बाद से बहजोई और पवांसा क्षेत्र के 40 गांवों में 52 घंटे बिजली आपूर्ति बंद है। संविदा कर्मचारियों के कार्य से विरत होने की वजह से मंगलवार को भी काम नहीं हो सका है। बिजली नहीं मिल पा रही है। जिनके घर पर जेनरेटर हैं। उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन जिनके घर जेनरेटर नहीं थे वे मोबाइल की चार्जिंग के लिए परेशान हो रहे हैं। पवांसा में कुछ लोग मोबाइल की चार्जिंग के लिए निजी संचार कंपनी के मोबाइल टॉवर तक गए।
वहीं तमाम परिवार पानी के लिए तरस गए। हैंडपंप चलाकर पानी लिया। उप खंड अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि संविदा कर्मचारियों द्वारा काम न किए जाने की वजह से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। उनका कहना था कि 70 गांवों में बिजली बंद हुई थी लेकिन नियमित कर्मचारियों के प्रयासों से तीस गांवों की आपूर्ति बहाल हो गई है। अब 40 गांव की बिजली आपूर्ति बंद चल रही है।