कोतवाली इलाके के चौधरी सराय में एक साल से शस्त्र बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। रोजाना लगभग दस तमंचे तैयार होते थे। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने ये बात बताई है। पुलिस को अब मौके से भागे फैक्ट्री संचालक के साथ ही मुरादाबाद के उस व्यक्ति की तलाश है जो कारतूस सप्लाई करता था।
मोहल्ला चौधरी सराय, बदायूं दरवाजा में दबिश देकर शस्त्र बनाने की फैक्ट्री पकड़ी तो आसपास के लोग भी हैरान हो गए। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी तादाद में बने-अधबने तमंचे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए। बुधवार दोपहर को कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि शस्त्र बनाने की फैक्ट्री लगभग एक साल से चल रही थी। अंदाजा है कि फैक्ट्री में रोजाना दस तमंचे तैयार किए जा रहे थे।
तमंचों को स्थानीय स्तर पर संभल के साथ ही आसपास के क्षेत्र में भी सप्लाई किया जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीरजादा मुगलपुरा मुरादाबाद के एक व्यक्ति का नाम भी फैक्ट्री से जुड़ा है। वह व्यक्ति कारतूस बनाने का काम करता है। समय-समय पर अवैध तरीके से चल रही फैक्ट्री को कारतूस सप्लाई करता रहा है।