औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने शुक्रवार को बताया कि हाल में ही चंदौसी के सीकरी गेट लक्ष्मण गंज के एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई थी। इसमें डीके फार्मा कंपनी के ऑक्सी-टेट्रासाइकिलिन नामक दवा के बैच नंबर तीन की चेकिंग हुई। इस बैच के तीनों पैकेटों में बैच नंबर तो एक ही था, लेकिन तीनों पैकेट की दवा का रंग अलग-अलग था। जबकि एक बैच की दवा में एक ही कलर होना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि अप्रैल में इसी कंपनी के ऑक्सी-टेट्रासाइकिलिन कैप्सूल के मुरादाबाद में सेंपल लिए गए थे। सेंपल फेल आए हैं। दवा 100 प्रतिशत के स्थान पर 44 व 42 प्रतिशत मिली है। इस मामले में दवा निर्माता कंपनी डीके फार्मा के खिलाफ मुरादाबाद से कार्रवाई चल रही है। जबकि अब चंदौसी में इसी कंपनी के ऑक्सी टेट्रा-साइकिलिन कैप्सूल के सेंपल लिए गए हैं। जो परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद हकीकत साफ होगी। प्रथम दृष्टया अनियमितता यह है कि एक ही बैच में अलग-अलग कलर के कैप्सूल बेचे जा रहे थे। जबकि एक बैच में एक ही कलर होना चाहिए। इससे मरीजों को दवा खाते समय कोई भ्रम न हो। उन्होंने बताया कि एक बैच में एक कलर होने की वजह से दवा जब्त कर ली गई।
जब्त की गई दवा बाजार मूल्य करीब साढ़े छब्बीस हजार रुपये है। विक्रेता की ओर से कैप्सूल का क्रय-विक्रय विवरण भी नहीं दिखाया जा सका था। डीआई ने बताया कि जब्त किए गए कैप्सूल के नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इसी मामले में चंदौसी के दवा के विक्रेता दीपा मेडीकोज के स्वामी निहालुद्दीन व निर्माता कंपनी डीके फार्मा प्रिंस रोड मुरादाबाद को नोटिस जारी किया जा रहा है।
धनारी में मेडिकल स्टोर से तीन दवाओं के सैंपल लिए गए
धनारी(संभल)। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने शुक्रवार को धनारी में श्रीकृष्णा मेडिकल स्टोर चेकिंग की। चेकिंग के बाद उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं की विक्री के अभिलेख नहीं दिखा सके। फुटकर का लाइसेंस होने के बाद उनके यहां स्टॉक थोक बिक्री के जैसा था। फ्रिज नहीं था।
एक्सापायरी दवाओं को अलग नहीं रखा गया था। चेकिंग में तीन औषधियों के नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। मेडिकल स्टोर के संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।उनके मुताबिक प्रेगनेंसी टेस्टिंग किट, वेटनरी इंजेक्शन और गर्भ निरोधक के सेंपल लिए गए हैं।