चंदौसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरती फौजदार ने वर्ष 2015 के जान से मारने के प्रयास में आरोपी अतीक को आठ वर्ष दो माह का कठोर कारावास एवं सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरि ओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि 22 अगस्त 2015 को थाना बनियाठेर के रहने वाले चांद मोहम्मद ने एक तहरीर थाना बनियाठेर में दी। तहरीर में उसने बताया कि वह अपने भाई मोहम्मद उस्मान को साथ लेकर चंदौसी होता हुआ जरगांव की बाजार में भैस खरीदने जा रहा था। दोपहर करीब 11:30 बजे यह लोग धामावली के मोड़ पर जरगांव रोड पर पहुंचे। तो पीछे से दो बाइकों पर चार व्यक्ति आए और पीड़ित व उसके भाई की बाइक रोक ली। पीड़ित ने देखा कि यह लोग गांव के अतीत, बबलू, अबरार व शुक्का निवासी गांव तुरखेड़ा थाना बिलारी के है। शुक्का ने छुरी निकालकर कहा कि जो कुछ है वो दे दो। चारों लोग पीड़ित के भाई पर झपट पड़े और उसकी जेब में रखे 50 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित व उसके भाई ने इसका विरोध किया तो आरोपी अतीक ने उसके भाई उस्मान के पैर में गोली मार दी। जब उन्होंने शोर मचाया तो खेत में काम करने वाले लोग मौके पर आ गए। जिसके बाद चारों लोग मौके से भाग गए। इस मामले में रिपोर्ट थाना बनियाठेर में दर्ज की गई।
विवेचक द्वारा आरोपी अतीक के विरूद्ध ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त की ओर से जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र द्वारा जेल अधीक्षक प्रस्तुत किया गया। जिसमें आरोपी ने जुर्म इकबाल के आधार पर निस्तारित किए जाने की प्रार्थना की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरती फौजदार के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने जान से मारने की नीयत से किए गए हमले में आठ माह दो वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपये के जुर्माने से साथ ही अवैध हथियार रखने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।