जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी के पांच हजार मरीजों को उपचार चल रहा है, जबकि सीएचसी पवांसा में तीन हजार मरीज उपचाराधीन है। अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी का दवाई खत्म होने के कारण मरीजों को अपना उपचार कराने में दिक्कत हो रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि दवाई उपलब्ध कराई जाए, जिससे मरीजों को दवाई मिल सके। यही हाल सीएचसी पवांसा का है। सीएचसी पवांसा के प्रभारी डा. मनोज कुमार का कहना है कि दवाई की मांग कर दी है, जल्द मिलने वाली है।
- दो अक्तूबर को दवाई खत्म हो गई थी। तीन अक्तूबर से लगातार जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन दवाई नहीं मिल रही है। दवाई किसी मेडिकल से खरीदी जाएगी तो महंगी बहुत है।
-रंजीत कुमार, गांव फिरोजपुर।
- 15 दिन से जिला अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन दवाई नहीं मिल रही। हर बार जांच कराने के लिए बोल देते हैं। अब दवाई खत्म होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सही उपचार कैसे मिले। व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। -
सोमपाल, गांव मानकपुर।
- पवांसा सीएचसी में कई बार चक्कर लगाए, लेकिन दवाई नहीं मिली। अब मेडिकल से दवाई खरीद कर लाए हैं। बाहर मेडिकल से दवाई महंगी मिलती है। सरकारी अस्पताल से नहीं मिल रही। इसलिए बाहर से खरीदना मजबूरी है।
-सीमा देवी, गांव नारंगपुर।
- उपचार सीएचसी पवांसा से चल रहा है। 10 दिन से दवाई नहीं मिल रही। जिला अस्पताल भी गए थे। वहां भी दवाई नहीं मिली। अब जो उपचार चल रहा था। वह अधूरा रह गया है।
-जतन यादव, गांव सिहावली।
- सीएमओ को पत्र भेजा गया है। दवाई उपलब्ध कराने के लिए कहा है। पांच हजार मरीज हैं उनके मुकाबले 100-120 मरीज की ही दवाई मिलती है। दवाई की आपूर्ति के लिए शासन को भी पत्र भेजा जा चुका है।
-डाॅ. अनूप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल संभल।