निशुल्क एहतियाती खुराक लगवाने के लिए 75 दिन का विशेष अभियान शुक्रवार 30 सितंबर को पूरा हो गया है। जिले में अभी भी 18 से 59 साल की आयु के 8.01 लाख लोग एहतियाती खुराक लगवाने से वंचित रह गए हैं। ऐसे में लोगों को अब निजी अस्पतालों में जाकर भुगतान कर एहतियाती खुराक लगवानी होगी। हालांकि 60 साल से अधिक आयु के लोगों को निशुल्क एहतियाती खुराक लगाने का अभियान अभी जारी है।
शासन ने 18 साल से 59 साल तक आयु के लोगों के लिए निशुल्क एहतियाती खुराक लगाने का अभियान 15 जुलाई से शुरू किया था। 75 दिन में जिले में 1163013 लोगों को एहतियाती खुराक लगवाने का लक्ष्य दिया था। 30 सितंबर को ये अभियान समाप्त हो गया। अभियान के दौरान जिला अस्पताल, नौ सीएचसी पर लगातार एहतियाती खुराक लगवाई है, इसके अलावा विभाग के साथ सामाजिक, राजनीतिक संगठन, एनजीओ की ओर से भी समय समय पर विशेष कैंप लगाए गए। अभी तक जिले में 31.13 फीसदी यानी 361991 लोगों को कोरोना से बचाव का तीसरा टीका लगा है। जिले में 68 फीसदी लोग एहतियाती खुराक से वंचित हैं। काफी प्रयास के बाद भी जिले में एहतियाती खुराक लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है।
जिले में निजी अस्पतालों में नहीं है एहतियाती खुराक लगवाने की सुविधा
शासन ने निजी अस्पतालों को निर्धारित धनराशि (375 रुपये) वसूल कर एहतियाती खुराक लगवाने की सुविधा दी थी लेकिन जिले में एक भी अस्पताल ने इस अभियान में शामिल होने के लिए आवेदन नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने काफी प्रयास भी किया लेकिन निजी अस्पताल संचालकों ने एहतियाती खुराक लगाने से हाथ खड़े कर दिए। यदि शासन निशुल्क टीकाकरण की सुविधा को आगे नहीं बढ़ाता है, तो भुगतान करके टीका लगवाने के लिए जनपद के लोगों को मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़ अथवा बुलंदशहर जाना पड़ेगा।
एहतियाती खुराक लक्ष्य- 1163013
एहतियाती खुराक लाभार्थी- 361991
एहतियाती खुराक से वचित लोग- 801022
हेल्थ वर्कर- 40676
फ्रंट लाइन वर्कर - 7279
18 साल से अधिक आयु के लोग -173091
45 साल से अधिक आयु के लोग- 107987
60 साल से अधिक आयु के लोग- 69558
18 से 59 साल तक लोगों को निशुल्क एहतियाती खुराक लगाने का अभियान 30 सितंबर तक था। उसे आगे जारी रखने अथवा रोकने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। शासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
संजीव कुमार, डीपीएम एनएचएम, संभल