सिरसी। सिरसी में अकीदत और एहतराम के साथ ईद-ए-गदीर मनाई गई। इस अवसर पर मस्जिदों में नमाज और अमाल अदा किए गए। जुलूस निकालकर खुशी मनाई गई।
इस्लामी कलेंडर के अनुसार 18 जिलहिज्जा को गदीर के मैदान में नबी-ए-करीम ने सवा लाख हाजियों की मौजूदगी में हजरत अली की विलायत का एलान करते हुए कहा कि जिसका मैं मौला उसके अली मौला। इसी की याद में हर साल 18 जिलहिज्जा को शिया समुदाय ईद-ए-गदीर मनाते हैं। मौलाना काजी हुसैन रजा ने कहा कि आज के दिन नबी-ए-करीम ने हजरत अली को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। इसी खुशी में शिया समुदाय की यह सबसे बड़ी ईद है।
इस अवसर पर शिया जामा मस्जिद में डॉ. सैयद कौसर मुज्तबा ने, मस्जिद सादात में मौलाना मीसम अब्बास ने और अन्य मस्जिदों में विशेष अमाल अदा किए गए। इसके साथ ही अन्य मस्जिदों और अजाखानों में महफिलें आयोजित की गईं। संचालन जैद सिरसवी ने किया। दूसरी ओर, ईद ए गदीर के मौके पर इमाम बारगाह इमाम रजा से जुलूस निकाला गया।
जिसमें मौलाना सफी असगर नजमी, शमीम, इकरार रजा, समर अब्बास, शमीम हैदर, सुब्हान आदि ने अपने विचार रखे। जुलूस शिया जामा मस्जिद पर पहुंचकर समाप्त हुआ।