असमोली क्षेत्र में लहलहाती फलों के राजा आम के पेड़ पर बौर।
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ओबरी (संभल)। लगातार बिगड़ते मौसम से जहां सब्जियों के राजा आलू, गेंहू और सरसों आदि की फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं अब फलों के राजा आम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बागवानों को भी चिंता सताने लगी है कि अबकी बार कहीं आम की मिठास भी फीकी न रह जाए।
असमोली क्षेत्र में आम के बागों का रकबा बड़े हिस्से में फैला हुआ है। दूरदराज तक यहां से आम का निर्यात किया जाता है। उद्यान विभाग ने बागवानों को सचेत रहकर आम की पैदावार पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी है।
दरअसल, इस बार बेमौसम बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है। फसलें भी अछूती नहीं रहीं। संभल जिले में कहीं गेहूं तो कहीं आलू को खूब नुकसान पहुंचा। सरसों भी खराब हो गई। अब मौसम बदल रहा है। आम की फसल अपने जोर पर है। पेड़ों पर खूब फूल लदा हुआ है। यह फूल तब तक ही ठीक हैं जब तक बारिश या फिर आंधी न आए। अमूमन बारिश के साथ आंधी में यह पेड़ से झड़कर नीचे गिर जाता है। पैदावार खराब हो जाती है। लेकिन बदलते मौसम के बीच हो रही बारिश और तेज हवा ने अभी से ही बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। फलों के राजा आम की पैदावार इस बार अच्छी रहने की उम्मीद है। लेकिन मौसम का यही हाल रहा तो इस पर संकट के बादल कम नहीं होंगे। फसल पर फर्क पड़ेगा। जिले के उद्यान अधिकारी का कहना है कि आम की पत्तियों को तापमान से नुकसान होता है। सुबह में मौसम सर्द रहने और दोपहर में गर्म हो जाने से पेड़ों का विकास प्रभावित होता है। जिसका सीधा असर फूल के बनने तथा उसके विकास पर पड़ता है। जिससे पैदावार प्रभावित होती है।
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