बहजोई(संभल)। कलक्ट्रेट सभागार में सेफर इंटरनेट डे पर हुई विशेष कार्यशाला में सभी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल का उपयोग करते समय व्यक्तिगत व संवेदनशील जानकारी साझा न करने पर जोर दिया गया।
मंगलवार को हुई कार्यशाला में एनआईसी के डीआईओ प्रभात मिश्रा ने अधिकारियों व कर्मचारियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया। इस बीच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर भी बातचीत की गई। वक्ताओं ने कहा कि जहां एआई शिक्षा व कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं इसके जरिए फैल रहे डीपफेक वीडियो व डेटा प्राइवेसी जैसे खतरों से भी सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी एआई टूल का उपयोग करते समय अपनी व्यक्तिगत व संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
वित्तीय सुरक्षा पर रोशनी डालते हुए जानकारी दी गई कि इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करते समय हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट व सुरक्षित नेटवर्क का ही प्रयोग करें, सार्वजनिक वाई-फाई से वित्तीय लेनदेन करने से बचें और अपने पासवर्ड व पिन को समय-समय पर बदलते रहें। कार्यशाला में एआई के सुरक्षित व जिम्मेदारी से उपयोग के लिए शपथ दिलाई गई।
इस बीच, सभी को जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें न ही किसी सूचना या वीडियो को बिना सत्यापित किए सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड करें। साथ ही, साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।