चंदौसी। मुरादाबाद- आगरा मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित हुए करीब 20 साल हो गए। चौड़ीकरण, अच्छी सड़क होने के साथ ही ट्रैफिक बढ़ा, तो हादसों की संख्या में इजाफा हो गया। मानक पूरे न होने पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए सुरक्षित सफर और जीवन के लिए डीएम संभल संजीव रंजन ने इसका संज्ञान लिया है। डीएम ने हाईवे के अधूरे मानकों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। यह रिपोर्ट शासन और एनएचएआई को भेजी जाएगी। हाईवे के मानक पूरे होने पर हालात सुधरने की उम्मीद जगी हैं।
मुरादाबाद के पूर्व सांसद चद्रविजय सिंह के प्रयास वर्ष 2001 में मुरादाबाद- आगरा मार्ग को हाईवे का दर्जा तो मिल गया। पर हाईवे के नाम पर एनएचएआई ने सड़क के दोनों साइडो में तीन तीन फीट खड़ंजे के ऊपर तारकोल बिछाकर इसका चौड़ीकरण कर दिया था और सड़क अच्छी बना दी थी। हाईवे नाम पर सड़क अच्छी बनी, तो वाहनों की संख्या में भी एकाएक इजाफा हो गया।
बीच में डिवाइडर न होना, हाईवे पर जानवरों व पशुओं की रोकथाम की व्यवस्था न होने पर, पुल, पुलियों का चौड़ीकरण न करना यह प्रमुख रूप से रही। हाईवे बनाने में की गई मानकों की अनदेखी सामने आने और लगाता रहे हादसों को देखते हुए डीएम संभल संजीव रंजन ने इस प्रकरण को एनएचएआई के समक्ष रखने की बात कही है।
संभल जनपद की सीमा मेें चंदौसी क्षेत्र में अरिल नदी के पुल से बबराला में नरौला गंगा बैराज पुल तक हाईवे की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश अधिकारियों को दिये हैं। रिपोर्ट में संभल जनपद में स्थित मार्ग की लंबाई, सभी पुल व पुलियों की संख्या, उनकी चौड़ाई, हादसों में हुई जनहानि और उनके कारण की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। हाईवे के बीच में डिवाइडर बनाने को लेकर रिपोर्ट एनएचएआई को भेजी जाएगी।
मानक पूरे हुए, तो सुरक्षित होंगे सफर:
नेशनल हाईवे के मानक पूरे होने पर सफर सुरक्षित होगा। साथ ही सुरक्षित सफर के चलते यातायात भी बढ़ेगा। इससे एनएचएआई को भी अधिक लाभ होगा। यातायात अधिक बढ़ने से बिलारी में टोल प्लाजा पर अधिक पथकर हो सकेगा, जो एनएचएआई के लिए आर्थिक रूप से मददगार भी साबित होगा।
मुरादाबाद- आगरा हाईवे पर बीच में डिवाइडर नहीं है। यह हादसों का प्रमुख कारण है। मैनें इस पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। बीच में डिवाइडर बनवाने व अन्य मानकों को पूरा कराने के लिए रिपोर्ट एनएचएआई को एक-दो दिन में ही भिजवाऊंगा।
संजीव रंजन, डीएम संभल।