चंदौसी चौराहे पर लगने वाले जाम की समस्या से निपटने के लिए वैसे तो चौराहे का चौड़ीकरण होना प्रास्तावित है। चौराहे पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। चौराहे पर दिनभर जाम की स्थित रहती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। संभल में बवाल के बाद अधिकारियों का चंदौसी रोड पर स्थित निरीक्षण भवन का आना जाना हुआ तो उनकी जाम की समस्या पर नजर पड़ी।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जाम की समस्या के समाधान के लिए एक्सईएन से डिवाइडर लगवाने को कहा। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर लगवाए हैं। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील प्रकाश ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर डिवाइडर लगवाने का काम कराया गया है। करीब 15-20 लाख रुपये की लागत से तैयार इन डिवाइडरों को और 100 मीटर आगे तक रखवाए जाने की मंशा है।
5 मीटर जगह मिलते ही चौड़ा हो जाएगा चौराहा
चंदौसी चौराहे का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। करीब पांच मीटर जगह की जरूरत है। एक व्यक्ति ने निजी संपत्ति से पांच मीटर जगह देने की बात कही है, लेकिन जिस जगह को दिए जाने की बात कही है, वहां दुकानें बनी हैं और उनमें किराएदार हैं। ऐसे में उन दोनों पक्षों का समझौता होना है। यदि दोनों पक्षों में सहमति बन जाती है, तो चौड़ीकरण की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
भूमि देने के लिए एसडीएम को दिया सहमति पत्र
चंदौसी चौराहे के चौड़ीकरण के लिए संभल का परिवार भी प्रशासन का सहयोगी बन चुका है। परिवार के सदस्यों ने अपनी कीमती गाटा-82 रकवा 0.729 हेक्टेयर में से 35.75 वर्ग मीटर भूमि चौड़ीकरण के लिए बतौर दान में स्वेच्छा से प्रशासन के पक्ष में छोड़ते हुए तत्कालीन एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी को सहमति पत्र सौंप चुके हैं। यह परिवार पूर्व में मोहल्ला ठेर और हाल निवासी लक्ष्मी निवास कमिश्नर कार्यालय सिविल लाइंस मुरादाबाद रघुनाथ प्रसाद, सविता अग्रवाल, अखिलेश गोयल और आलोक गोयल है और जमीन भी इन्हीं के नाम है।