संभल। इंटरमीडिएट की जिला टॉपर कनिष्का विरांग नीट की तैयारी में जुटी है। कनिष्का ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया है। कनिष्का विरांग के पिता विपिन कुमार किसान हैं। मां गृहणी हैं। परिवार में बड़ी बहन और छोटी कनिष्का हैं। अमरोहा जिले के गांव सरकड़ा कमाल की निवासी कनिष्का का कहना है कि डाक्टर बनकर वह सेवा करना चाहती हैं। हमेशा से ही उनका सपना दूसरों की मदद करने का रहा है। साइंस वर्ग से इंटरमीडिएट में 500 में से 469 अंक पाने वाली कनिष्का ने स्कूल में एक्सट्रा क्लासेज का लाभ लिया। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। फिलहाल अब मुजफ्फरनगर में अपने इंजीनियर चाचा और चाची के साथ रहकर नीट की तैयारी में जुटी हैं। टॉपर छात्रा का कहना है कि पढ़ाई में समय महत्वपूर्ण है। पढ़ाई को पूरा समय देना चाहिए। इससे कामयाबी मिल जाती है।
सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं शिवेंद्र : इंटरमीडिएट की टॉप टेन सूची में जिले की मेरिट में पांचवे स्थान पर रहे शिवेंद्र प्रताप सिंह ने 500 में से 463 अंक प्राप्त किए हैं। शिवेंद्र कामयाबी का श्रेय माता-पिता के साथ गणित और विज्ञान के शिक्षक तिलकराज सिंह को देते हैं। शिवेंद्र ने अपने पिता रविंद्र प्रताप सिंह के स्कूल महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में ही पढ़ाई की। अब उनका सपना सिविल सर्विसेस में जाने का है। जिससे वह समाज में सेवा कर सके। बताया कि उन्होंने पढ़ाई को समय के साथ किया और वह कामयाब हो गए हैं। ऐसे ही समय का प्रबंध वह भविष्य में भी पढ़ाई के लिए करेंगे। जिससे आगे भी सफलता मिलती रहे।
डाक्टर बनकर सेवा करना चाहती है सोनम : हाईस्कूल जिले की टॉप टेन मेरिट में चौथे स्थान पर आई सोनम छह से आठ घंटे पढ़ाई करके यह सफलता पाई है। सफलता का श्रेय माता पिता के साथ शिक्षकों देती हैं। उनका कहना है कि वह एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना चाहती हैं। सोनम को 600 में से 554 अंक मिले हैं। वहीं, 600 में से 548 अंक लाकर जिले की हाईस्कूल की टॉप टेन मेरिट में सातवें स्थान पर रहे हेमराज भी डाक्टर ही बनना चाहते हैं। हेमराज के पिता चंद्रपाल किसान हैं।
अंश वार्ष्णेय बोले- आगे भी मेहनत से करेंगे पढ़ाई : हाईस्कूल के छात्र अंश वार्ष्णेय जिले की टॉप टेन मेरिट में पांचवे स्थान पर आए हैं। वह मनोरमा राघव आदर्श इंटर कॉलेज, पवांसा के छात्र है। विद्यालय में छात्र को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। अध्यापकों ने मिठाई खिलाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अंश वार्ष्णेय ने 600 अंक में से 551 अंक प्राप्त किए हैं। अंश वार्ष्णेय ने बताया कि वह अपनी सफलता को बनाए रखने के लिए मेहनत से पढ़ाई करेंगे। समय पूरा देंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरूजनों को दिया।