सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गुन्नौर के गांव सिहोरा निवासी जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने साथियों के साथ पीड़िता के घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर पीड़िता को निशाना बनाया था लेकिन घर के आसपास मौजूद लोगों ने विजय यादव और एक साथी प्रमोद यादव को दबोच लिया।
पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। गांव बिजुआ नंगला निवासी प्रमोद यादव भी दुष्कर्म के मामले में आरोपी है। दुष्कर्म पीड़िता पर हमले की घटना चंदौसी के एक मोहल्ले में शनिवार शाम को हुई। यह मोहल्ला बनियाठेर थाना क्षेत्र में आता है। मूल रूप से बबराला के एक मोहल्ले की रहने वाली पीड़िता ने जून 2022 में गुन्नौर कोतवाली में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।
तब पुलिस ने विजय यादव और उसके साथी प्रमोद यादव को जेल भेजा था। जमानत पर दोनों अब बाहर हैं। दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर उसपर हमला किया गया। आरोपियों से डरकर ही उसने चंदौसी में रहना शुरू किया था। हमले के समय वह घर में दो अन्य महिलाओं के साथ बैठी थी।
कई लोगों के साथ विजय यादव के धावा बोलने पर दोनों महिलाएं भाग गई और उसने खुद को कमरे में बंद करके बचाया। पास के मैदान में क्रिकेट खेल रहे युवा जब बचाने घर की ओर बढ़े तो विजय यादव के ज्यादातर साथी भाग गए। युवकों ने विजय यादव और प्रमोद यादव को पकड़कर पीटा और कमरे में बंद कर दिया। पुलिस पहुंचने पर दोनों को उनके हवाले कर दिया।
मौका मुआयना करने के बाद सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि विजय यादव और प्रमोद यादव पुलिस की गिरफ्त में हैं। महिला की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर रही है। दोनों पर पहले से दुष्कर्म का केस दर्ज है। भीड़ द्वारा पीटे जाने पर अस्पताल में दोनों की जांच कराई जा रही है।
आरोपी ने कहा, फैसले के बहाने घर बुलाकर पीटा
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने दुष्कर्म पीड़िता और उसके मायके वालों पर आरोप लगाए। कहा कि पीड़िता ने पूर्व में दर्ज कराए दुष्कर्म के मामले में फैसला करने के लिए अपने घर बुलाया था। सुलह होती देख वह अपनी बहन की शादी का कार्ड और मिठाई लेकर पीड़िता के घर पहुंचे थे। सिर्फ प्रमोद यादव उनके साथ थे। वहां मौजूद पीड़िता के मायके वालों ने हम दोनों को पीटा और कमरे में बंद करके भाग गए।
जिपं सदस्य के साथ देवर पर को भी किया था नामजद
पीड़िता ने जून 2022 में गुन्नौर कोतवाली में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें जिपं सदस्य विजय यादव, उसके साथी प्रमोद यादव, पीड़िता के देवर सुधीर कुमार को नामजद किया था। तहरीर में लिखा था कि आरोपी रात को घर में घुस आए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया था। विजय यादव, प्रमोद को पुलिस ने जेल भेज दिया था और अब जमानत पर बाहर चल रहे हैं।
बच्चे को उठाने की कोशिश
दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि आरोपी विजय यादव व अन्य जमानत पर छूटने के बाद से उसपर फैसले का दबाव बना रहे हैं। कुछ समय पहले बबराला से उसके बेटे को उठाने का प्रयास किया गया था। इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद से डरकर वह चंदौसी में आकर रहने लगी।
तीन साल पहले हो चुकी है पति की मौत
पीड़िता के पति की तीन साल पहले कोरोना से मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा 12 वर्ष का है, जबकि बेटी छोटी है। आरोपी विजय और प्रमोद उसके देवर सुधीर के दोस्त रहे हैं। तीनों ने ही दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
10 से ज्यादा थे आरोपी
दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य के साथ 10-15 लोग थे। उनके पास असलहे थे। ये लोग दो गाड़ियों में सवार होकर आए थे। उसके शोर पर जब क्रिकेट खेल रहे युवक उधर दौड़े तो बाकी लोग गाड़ियों से भाग गए। विजय यादव और प्रमोद यादव को युवकों ने घेर लिया था।
पुलिस को मौके से मिला तमंचा
पुलिस को मौके से एक तमंचा मिला है, जो जमीन पर पड़ा था। पीड़िता का कहना है कि वे लोग उसे जान से मारने की नीयत से आए थे। कई असलहे पास थे। उनमें से ही एक तमंचा गिर गया। बदमाशों द्वारा घर पर हमले की सूचना पर बनियाठेर के साथ-साथ चंदौसी कोतवाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। सीओ भी मौके पर पहुंचे थे।