बहजोई (संभल)। मां भगवंतपुर वाली देवी मंदिर की भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। पालिका प्रशासन ने भूमि को सरकारी मानते हुए अवैध कब्जा करने के आरोप में मंदिर के ट्रस्ट में शामिल 17 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। आरोप यह है कि ट्रस्ट में शामिल यह लोग मंदिर की भूमि पर वंदन योजना के तहत सौंदर्यीकरण और अन्य कार्य करने में बाधा बन रहे हैं। मामले में जवाब देने को कहा गया है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बहजोई में मां भगवंतपुर वाली देवी का मंदिर है। इसकी कुछ भूमि है, जिस पर कई दशकों से साल में दो बार मेला लगता चला आ रहा है। होली और रामनवमी के अवसर पर यह मेला लगता है। जिसका संचालन प्राचीन शक्तिपीठ मां भगवंतपुर वाली देवी मंदिर एवं मेला ट्रस्ट करता है। चूंकि इस भूमि को पालिका प्रशासन ने सरकारी बताया है और ट्रस्ट के लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जिसके बाद विवाद सामने आ गया है। ट्रस्ट के पदाधिकारी और पालिका प्रशासन आमने-सामने है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ईओ रमेश बाबू ने बताया कि सरकारी जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं, जिन्हें नोटिस दिए गए हैं। वहीं, ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार गोस्वामी का कहना है कि पालिकाध्यक्ष, ईओ ने इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा जमाने के उद्देश्य से प्रपंच रचा है। वंदन योजना के तहत मंदिर पर सत्संग भवन और सौंदर्यीकरण का काम कराने का टेंडर हुआ है लेकिन इसके विपरीत जाकर सत्संग भवन का काम मेले के लिए आवंटित भूमि पर जबरन कराना चाहते हैं। पहले जल निगम को देकर टंकी बनवाने का काम शुरू किया था। जिसे रूकवाया गया था और मामला न्यायालय में चला गया। यह अभीविचाराधीन है। लेकिन इस बीच पालिका ने फिर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी की।
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सरकारी जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से ट्रस्ट बनाया गया। अब यह लोग सौंदर्यीकरण आदि कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इसलिए 17 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब मांगा गया है। -रमेश बाबू, डिप्टी कलक्टर/ईओ, बहजोई
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पालिका द्वारा गलत तरीके से नोटिस जारी कर दिए हैं। मनमानी की जा रही है। लेकिन इसे सहन नहीं करेंगे। ट्रस्ट के लोग इसका विरोध करेंगे। -अरुण कुमार गोस्वामी, ट्रस्ट के अध्यक्ष