नखासा थाना क्षेत्र के मजार बादल गुंबद के निकट जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार को सुबह दस बजे हंगामा खड़ा हो गया। अब मामला पुलिस के पास है। मौके पर सतर्कता बरती जा रही है। इसी मामले में एक पक्ष ने रुकनुद्दीन सराय में प्रदर्शन किया है।
मजार बादल गुंबद पर सय्यद इरशाद हुसैन सज्जादानशीन हैं। वे डेढ़ महीने के लिए आंख बनवाने बाहर चले गए थे। इरशाद हुसैन ने बताया कि इसी दौरान पन्नी डालकर कोटगर्बी निवासी सय्यद तालिब हुसैन ने मदरसे का संचालन शुरू किया।
जब वह लौटे तो उन्होंने वक्फ संपत्ति पर संचालित मदरसे की पन्नी को हटवाने के लिए तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र की जांच करने के लिए रविवार को सुबह दस बजे दो उप निरीक्षक नखासा थाने से पहुंचे और उन्होंने पन्नी हटाने के आदेश दिए।
इसी पर हंगामे की नौबत बनी। सय्यद तालिब ने पुलिस थाना नखासा को तहरीर दी है जिसमें उनका कहना है कि कैसर नवाज भट्ठे वालों समेत 15-16 लोगों ने गाली-गलौज के साथ मारपीट की है। इसमें मदरसे के बच्चों को चोट आई है। सय्यद तालिब हुसैन के पक्ष में कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया है और न्याय मांगा है।
जबकि कैसर नवाज का कहना है कि उन्होंने सय्यद इरशाद हुसैन का हक की लड़ाई में साथ तो दिया है लेकिन मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के सदस्यों रविवार को नखासा थाना पुलिस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सय्यद तालिब हुसैन के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगाया गया।
सपा के जिला उपाध्यक्ष कैसर नवाज पर आरोप लगाए गए। साथ ही कहा गया कि यदि न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। ज्ञापन में कहा गया है कि पीर सय्यद तालिब हुसैन के साथ मारपीट की गई है और इमामा शरीफ और टोपी का अपमान किया गया है। इस मुद्दे पर 22 फरवरी को डीएम व एसपी से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा।
मुफ्ती अशफाक, कारी तंजीम अशरफ, नाजिमे आला मदरसा अजमल उलूम मुफ्ती आलम रजा नूरी, मौलाना वसी अशरफ, फरजंद अली वारसी, कारी मुशाहिद, मौलाना कामिल, मिस्बाही, मौलाना महबूब वास्ती, शकील अहमद, कारी शाहिद, हाफिज अतहर, प्रधान हिलाल, डा. अशफाक रहे। नेतृत्व मौलाना वसी अशरफ व संचालन शकील अहमद ने किया।