संभल। भगवान कल्कि के जन्म की उद्घोषणा को लेकर मतभेद शुरू हो गया है। श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल) के संस्थापक कुलदीप कुमार गुप्ता ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की उद्घोषणा पर सवाल उठाए हैं। कुलदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि भगवान श्री कल्कि का अवतार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि में गोधूलि बेला में होगा। जबकि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने श्री कल्कि कथा के दौरान मंगलवार को कहा था कि भगवान श्री कल्कि का जन्म बैसाख मास शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि को होगा। यही शास्त्र सम्मत तिथि है। इस उद्घोषणा को लेकर मतभेद बन गया है।
कुलदीप कुमार गुप्ता कहना का कहना है कि साथ ही कहा है कि प्राचीन मंदिर श्री कल्कि विष्णु मंदिर है जो संभल के मोहल्ला कोटपूर्वी में स्थित है। प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर सदियों पहले का स्थापित है। करीब 300 वर्ष पहले मंदिर का जीर्णोद्धार माता अहिल्याबाई होल्कर द्वारा कराया गया था। माता अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट द्वारा ही देखरेख की जाती है। आगे कहा कि 24 कोसीय परिक्रमा के अंतर्गत त्रिभुजाकार संभल में ही होगा। इसका उल्लेखा शास्त्रों और पुराणाें में किया गया है।