निलंबित दरोगा पर पुलिस महकमे का शिकंजा और कसने लगा है। उनके मकान पर छापा मारकर तमंचे, कारतूस व गाड़ी बरामद करने के साथ ही अब विभागीय कार्रवाई के लिए कदम उठे हैं। पुलिस अधीक्षक ने डीआईजी को रिपोर्ट भेजी है। जिसमें दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। हालांकि डीआईजी को अगला निर्णय लेना है कि दरोगा के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
हयातनगर थाने में हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात रहे देवेंद्र सिंह यादव पर तैनाती के दौरान मालखाने का तमाम सामान गायब करने का आरोप था। तत्कालीन थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह चौहान ने 13 मई 2017 को उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि मौजूदा थाना प्रभारी नाथीराम पवार ने भी एक मामला दर्ज कराया था।
दोनों मामलों में आरोप था कि मालखाने से सरकारी पिस्टल, कारतूस, बाडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, पांच हजार रुपये, सोने-चांदी के जेवर समेत 28 वाहन गायब कर दिए गए। इस बीच हेड मोहर्रिर से दरोगा बनने पर वह निलंबित हो गए थे। थाना क्षेत्र की एक युवती द्वारा दरोगा और उनके बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लगाया तो पुलिस ने दरोगा की तलाश शुरू की।
पिछले दिनों गिरफ्तारी के बाद निलंबित दरोगा को अदालत ने जेल भेज दिया। सोमवार को पुलिस ने दरोगा के गांव शकरपुर स्थित मकान से तमंचे, कारतूस, चार वाहन के अलावा अन्य सामान बरामद किया। इस बीच पुलिस महकमे ने भी दरोगा पर कार्रवाई का शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक रविशंकर छबि ने डीआईजी को रिपोर्ट भेजी है। जिसमें निलंबित दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। दरोगा की सेवा पर भी ब्रेक लग सकता है। हालांकि डीआईजी ही दंड तय करेंगे। बहरहाल, निलंबित दरोगा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
प्रारंभिक जांच के बाद दरोगा को निलंबित किया गया था। अब उनके विरुद्घ कार्रवाई की संस्तुति के साथ डीआईजी को फाइल भेजी है। अगला निर्णय डीआईजी को ही लेना है।
रविशंकर छबि, पुलिस अधीक्षक संभल