ढांग गिरने की सूचना पर मौके पर भीड़ लग गई। पुलिस भी पहुंची। ग्रामीणों ने ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर किसी तरह तीनों को निकाला। लेकिन तब तक उनकी सांसों की डोर टूट चुकी थी। तीनों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
धनारी थाना क्षेत्र के बिचपुरी भूड़ गांव की मुन्नी देवी (35) पत्नी भगवान सिंह, पूनम (24) पत्नी राम निवास, बबिता उर्फ भूरी (17) पुत्री ऋषिपाल, भगवान देई पत्नी बनवारी, सुमन पत्नी स्वर्गीय मंटू, निर्मला पत्नी प्रदीप, धारावती पत्नी रामचंद्र व शंकुतला पत्नी लाल सिंह गांव से कुछ दूरी पर ही स्थित छपरा ग्राम पंचायत रकबे में ठाकुर वीरपाल सिंह के खेत के निकट तालाब में गई थी। सभी महिलाएं मिट्टी खोदने लगीं। पहले से ही खुदाई के कारण ढ़ांग बन चुकी थी, दोपहर करीब 12.30 बजे अचानक भरभराकर ढ़ांग की मिट्टी उनके ऊपर गिर गई। जिसमें मुन्नी देवी, पूनम बबिता उर्फ भूरी व भगवान देई तो अंदर मिट्टी में दब गईं, अन्य महिलाएं दूसरी ओर मिट्टी खोद रहीं थीं।
यह सुनकर कुछ महिलाएं शोर मचाती हुई गांव की ओर दौड़ीं तो आसपास के खेतों पर काम करने वाले व गांव के लोग फावड़े आदि लेकर दौड़ पड़े। एक घंटे तक खुदाई चली।
फावड़ा व परातों से मिट्टी हटाई गई। जिसमें भगवान देई तो घायल हालत में जीवित निकलीं लेकिन मुन्नी देवी, पूनम व बबिता उर्फ भूरी की मौके पर ही मौत हो गई। 1.30 बजे धनारी थाना पुलिस भी पहुंच गई। दोपहर 3.15 बजे सीओ उमेश कुमार यादव भी पहुंच गए। बबिता के परिजनों ने तो पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, शव को घर ले गए लेकिन पुलिस ने मुन्नी देवी व पूनम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका मुन्नी देवी छह और पूनम पांच बच्चों की मां है।