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किसानों की रकम ठिकाने लगाने वाला ढाबा मालिक गायब  

Sat, 09 Jul 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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मुआवजा चेक के फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बंद पड़ा ढाबा। - फोटो : amar ujala
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 'अमर उजाला' में राहत चेकों के फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के बाद बहजोई के सुगंध वाटिका ढाबे में ताले लटक गए हैं। ढाबा संचालक और कर्मचारी लापता हैं। उधर, ढाबा संचालक ने बहजोई के कई बड़े कारोबारियों और आढ़तियों को चेक काट कर दिए थे जिसका भुगतान उन्होंने ले लिया। घोटाले का खुलासा होते ही वे सब कानूनी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। उससे उनमें खौफ है।   
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बिल्सी तहसील के किसानों के नाम जारी  किए गए राहत चेकों के घोटाले में बहजोई के सुगंध वाटिका ढाबा संचालक का नाम आने के बाद शुक्रवार को ढाबा संचालक लापता हो गया। ढाबे पर ताला पड़ा है। बताया जा रहा है कि, बहजोई के कई गणमान्य माने जाने वाले लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इससे उनके चेहरों पर हवाइयां उड़ रहीं हैं। वे भी अंडर ग्राउंड हो गए हैं, क्योंकि मामला किसानों से जुड़ा हुआ है। उन्हें बिल्सी पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की आशंका सता रही है। 

एक एक नाम पर जारी किए गए कई-कई चेक
किशन यादव के नाम पर 27-27 हजार रुपये के तीन, उसकी पत्नी भूरी देवी, पुत्र-पुत्र वधू के नाम भी इसी धनराशि के तीन-तीन चेक जारी किए गए। यहीं के कृष्ण मुरारी के नाम 22-22 हजार रुपये के दो चेक, विनोद कुमार व सुनीता देवी के संयुक्त खाते में पांच चेक जिनकी प्रति चेक की धनराशि 26 से 28 हजार रुपये तक है,  भानुप्रकाश पुत्र बासुदेव व भानु प्रकाश पुत्र शिव दयाल के दो दो चेक, प्रताप मीणा के नाम 27-27 हजार के दो चेक, फरीदपुर गांव के संजीव कुमार के नाम 23 से 25 हजार तक पांच चेक, सौरभ वार्ष्णेय, सौरभ गुप्ता, सोनम के नाम दो-दो, सुधाकर वार्ष्णेय, चंदन, वीरेंद्र कुमार के नाम तीन-तीन चेक, अशोक कुमार के नाम चार चेक जारी किए गए। ऐसे कई लोग हैं, जिनके नाम पर कई कई चेक जारी करके धनराशि आहरित कर ली गई है।
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जांच अधिकारी को सही जानकारी नहीं है, चेक तो 273 ही हैं, लेकिन आहरित की गई धनराशि 6332676 रुपये हैं। चेक भले ही 1.73 करोड़ के काटे गए हों लेकिन तहसीलदार बिल्सी के खाते से 6332676 रुपये आहरित होने के बाद मामला संज्ञान में आ गया था, और उक्त खाते से धनराशि आहरण पर रोक लगा दी गई थी।
 बालकराम  तहसीलदार बिल्सी  (बदायूं)

फर्जी चेक प्रकरण के दोषियों पर हो कार्रवाई: चौ.हरपाल सिंह
चंदौसी। भारतीय किसान यूनियन (अअ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि बिल्सी के किसानों का हक मारकर बिचौलियों ने करोड़ों की धनराशि हड़प ली है। सिर्फ बिल्सी में ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में ऐसे घोटाले हो सकते हैं, इसमें दोषी राजस्व अधिकारियों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 14 जुलाई को चंदौसी में प्रस्तावित किसान मार्च में इस मुद्दे को प्रमु्खता से शामिल किया जाएगा।

सरकारी खाते से चुकाई जा रही थी ढाबा संचालक की ‘उधारी’  
 बदायूं की बिल्सी तहसील के किसानों के मुआवजे के चेकों से बहजोई का ढाबा संचालक अपनी उधारी चुका रहा था। पैसे सरकारी खाते से जा रहे थे। सब्जी वाला हो या फिर दू्ध वाला या फिर खाद्यान्न के आढ़ती, सभी को नगद धनराशि देने के बजाय चेक थमा रहा था। इसके लिए वह मुंहमांगी कीमत दे रहा था। पंजाब नेशनल बैंक शाखा के कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों के साथ इतना बड़ा धोखा हुआ, मगर बदायूं जिला प्रशासन अभी भी इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। 

बहजोई के सुगंध वाटिका ढ़ाबा के संचालक किशन यादव की ओर से किसानों के राहत चेकों में फर्जीवाड़ा की परतें खुलीं तो कई हैरतंगेज कहानियां सामने आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुगंध ढाबे में जो भी सब्जी, दाल, अनाज व अन्य सामग्री आती रही, उसकी कीमत का भुगतान भी दुकानदारों को नगद राशि के बजाय चेक देकर ही किया गया। 

कई लोगों से उसका कारोबारी लेनदेन भी था, ऐसे लोगों को भी उसने चेक पकड़ा दिए। खास बात तो यह है कि अब यह सभी लोग पुलिस कार्रवाई की जद में आ गए हैं। जांच अधिकारी के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक की बहजोई शाखा से करीब 90 चेकों का भुगतान हुआ, यह सभी लोग बहजोई क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।

 संभल में भी खंगाले जाने लगे चेक वितरण के अभिलेख
संभल। बदायूं के बिल्सी तहसील क्षेत्र में फसलों की क्षति के मुआवजे की रकम में गोलमाल के तार संभल जिले से जुड़ने के बाद अफसरों की नींद उड़ गई है। 
इससे संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद अब संभल जिले में भी चेक वितरण के अभिलेख खंगाले जाने लगे हैं। इस संबंध में संभल तहसील का हिसाब-किताब किया जा रहा है। हिसाब न देने वाले लेखपाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मुर्दों के बीमों के बाद फसल क्षति के मुआवजे का मामला सामने आ गया है। बिल्सी तहसील के मुआवजा राशि के चेक में नाम मिटाकर रुपये हड़पने के तार बहजोई से भी जुड़ गए हैं। यहां के कई आरोपियों के खिलाफ बिल्सी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में बहजोई के सुगंध ढाबा के संचालक किशन यादव, उनकी पत्नी समेत 14 लोग नामजद हैं। इस सिलसिले में बहजोई की पीएनबी शाखा से 90 चेक भुनाए गए हैं। 

यह मामला सामने आने पर संभल के अफसरों की भी नींद उड़ गई है। संभल के तहसीलदार अरविंद तिवारी ने बताया कि मुआवजा राशि के वितरण में फर्जीवाड़ा सामने आने पर उन्होंने अपनी तहसील के अभिलेखों की छानबीन शुरू करा दी है। एक लेखपाल ने हिसाब किताब नहीं दिया था उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। 
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