संभल। कोरोना का खतरा बरकरार है। डेंगू की मार पड़ रही है। अब मलेरिया और दूसरी संक्रामक बीमारियों का भी खतरा सामने है क्योंकि आबादी के बीच जगह-जगह जलभराव है। डेंगू से बचाव के प्रति पालिका परिषद की लापरवाही सामने आ रही है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अगर पालिका को फोन करते हैं तो कर्मचारी आते हैं और सफाई करचले जाते हैं मगर रोजाना मच्छर मार दवाई का कोई छिड़काव नहीं हो रहा है। न ही रोजाना सफाई हो रही है।
डेंगू की मार झेल रही दुर्गा कालोनी निवासी भाजपा नेता सौरभ गुप्ता ने बताया कि गली मोहल्लों में सफाई व्यवस्था फेल है। जब उनकी मां को डेंगू हुआ तब उन्होंने नगर पालिका के ईओ को फोन किया था। उसके बाद नालियों की सफाई कराई गई। मच्छर मार दवाई का छिड़काव फिर भी नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि संक्रामक बीमारियों के खतरे से कैसे निपटा जा सकेगा।
डेंगू के मरीजों से बेखबर है स्वास्थ्य विभाग, कैसे होगा नियंत्रण
संभल। डेंगू से न तो जनपद में कोई मौत हुई और न ही कोई बीमार हुआ है। यह कागजी दावा स्वास्थ्य विभाग का है क्योंकि चिकित्साधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी डेंगू से पूरी तरह बेखबर हैं। डेंगू पीड़ित निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आईं हैं पर इसकी जानकारी सीएमओ को भी नहीं है।
दुर्गा कालोनी में डेंगू से एक सेवानिवृत्त शिक्षिका कुमारी उमेश कुमारी उर्फ उमा गुप्ता की मौत हो गई। भाजपा की नगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता को डेंगू पीड़ित होने के बाद मुरादाबाद ले जाना पड़ा। उनके खून में प्लेट्लेट्स घट गए लेकिन शनिवार की दोपहर मुरादाबाद से उनके पति अभिषेक गुप्ता ने बताया कि अब स्थिति ठीक है। डाक्टर ने घर ले जाने की सलाह दी है। इसी कालोनी की शकुंतला देवी डेंगू पीड़ित होने के बाद ठीक होकर अपने घर वापस आ गईं हैं। डेंगू के तीन केस तो सबके सामने हैं। कुछ और लोग भी ऐसे हैं जो डेंगू पीड़ित होने के बाद ठीक होकर घर आ गए लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार की शाम तक डेंगू का संज्ञान ही नहीं लिया।
सीएमओ डा. अमिता सिंह से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें तो अखबार से ही पता लगा है। अब संभल सीएचसी की टीम को मौके पर जाने के लिए कहेंगी। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें कहीं से डेंगू के बारे में कोई सूचना नहीं है। तो कैसे पता चले। उन्होंने कहा कि जानकारी करेंगे और टीम को भेजेंगे ताकि लोगों को उपचार मिल सके। वहीं संभल स्थित जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डा. प्रभाकर बंधु ने भी डेंगू से पल्ला झाड़ा है। उनके कहने के बाद जिला अस्पताल से डा. जया कौशल ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए पहली सितंबर से अब तक कुल 21 नमूने लिए गए। इसमें कोई पॉजिटिव नहीं आया।
सरकारी लैब में कोई नहीं निकला डेंगू पॉजिटिव, निजी लैब से नहीं मिली कोई सूचना
सरकारी लैब में कोई डेंगू पॉजिटिव नहीं निकला है। प्रत्येक निजी पैथोलॉजी से उनके पास डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट आनी चाहिए लेकिन अभी तक एक भी रिपोर्ट नहीं आई है। दूसरी बात अगर जिले से बाहर कोई पॉजिटिव आया है तो उसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं मिली है।
डा. अमिता सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, संभल
साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
सीएमओ डा. अमिता सिंह ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए अपने घर के भीतर छत और आसपास कहीं पर भी जलभराव न होने दें। अगर छत में कहीं टायर या पुराने बर्तन आदि पड़े हैं और उसमें बारिश का पानी भरा है तो डेंगू का मच्छर पनप सकता है। इसलिए सबसे पहले अपने घर को देखें और डेंगू न पनपने दें। इसके बाद घर के आसपास सफाई कराने के लिए प्रति जागरूकता दिखाएं।
यह होते हैं लक्षण
तेज बुखार, बदन में दर्द होना डेंगू का लक्षण है। ऐसे में अगर डेंगू से बचाव करना है तो बुखार आदि होने पर तत्काल किसी चिकित्सक का परामर्श लें। डा. स्मिता पाटिल, संभल
संक्रामक रोगों से रोकथाम के लिए आशाएं दे रहीं हैं घर-घर दस्तक
संभल। पहली अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संक्रामक रोगों से बचाव के लिए विशेष संचारी रोग अभियान चल रहा है। इसके तहत जिले की आशाएं घर-घर दस्तक दे रहीं हैं। वे बुखार और बीमार लोगों को सूचीबद्ध करके उन्हें नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल उपचार दिला रही हैं। यह जानकारी सीएमओ डा. अमिता सिंह ने दी है। अभियान के दौरान नियमित टीकाकरण भी होगा।