संभल। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाने को शर्मनाक और निंदनीय बताया है। सांसद ने कहा कि यह मस्जिद 1911 से भी पहले बनी थी। पुलिस-प्रशासन द्वारा इतनी पुरानी मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई इन्साफ और कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सपा सांसद ने यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी चुनौती देती है। किसी भी धर्म स्थल को राजनीतिक स्वार्थ या किसी अन्य मकसद के लिए निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आजकल एक गिरोह साजिश के तहत धर्म स्थलों के खिलाफ शिकायत करता है। इसके बाद उन धर्म स्थलों को गिरा दिया जाता है। संविधान ने हमें मजहबी आजादी और धर्म स्थलों की हिफाजत का अधिकार दिया है। इस अधिकार को छीनने का हक किसी को नहीं है।
सांसद ने कहा कि भारत किसी एक धर्म या समुदाय का देश नहीं है। देश को नफरत और धार्मिक टकराव की नहीं, बल्कि इन्साफ और तरक्की की जरूरत है। हुकूमतों को धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने के बजाय बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और देश की तरक्की पर ध्यान देना चाहिए। सांसद ने कहा कि संविधान की हिफाजत, कानून का सम्मान और हर धर्म की आस्था की सुरक्षा ही मजबूत हिंदुस्तान की पहचान है। संवाद