संभल। असमोली विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक पिंकी सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। इसमें असमोली को तहसील बनाने की मांग की गई है। पत्र में कहा है कि पूर्व में दो बार शासन के मांगने पर असमोली को तहसील बनाने का प्रस्ताव संस्तुति सहित भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक असमोली को तहसील बनाने के आदेश नहीं हुए। विधायक ने तहसील बनाने के आदेश जारी करने की मांग की गई है।
संभल जनपद का गठन 28 सितंबर 2011 को मुरादाबाद जिले की चंदौसी, संभल और बदायूं जिले की गुन्नौर तहसील को जोड़कर किया गया था। संभल तहसील में सबसे अधिक 399 गांव हैं। गुन्नौर तहसील में 383 राजस्व गांव हैं। जबकि सबसे कम राजस्व गांव चंदौसी तहसील में हैं। चंदौसी तहसील के राजस्व गांवों की संख्या 240 है।
जिले में कुल 1022 राजस्व गांव हैं। जब जनपद का गठन हुआ था, उसी समय से मुरादाबाद और अमरोहा जनपद के करीबी गांव संभल में खुद को शामिल किए जाने का विरोध कर रहे थे। जनता की मांग पर राजस्व परिषद में विचार हुआ और प्रस्ताव भी गए पर अटक गए।
जनपद में अभी तीन तहसीलें हैं। संभल तहसील का विभाजन करके अगर असमोली को तहसील का दर्जा दिया जाता है, तो जिले में चार तहसीलें हो जाएंगी। शासन स्तर से नई तहसील बनाए जाने की प्रक्रिया वर्ष-2019 में शुरू की गई थी। शासन को संस्तुति सहित रिपोर्ट भेजी गई लेकिन अब तक आदेश नहीं हो सके। अब फिर से इस मांग को उठाया गया है। क्षेत्रीय विधायक पिंकी यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर असमोली को तहसील बनाने के लिए आदेश जारी करने की मांग की है।