सिरसानाल गांव में घर में घुसकर देवी-देवताओं के चित्र जलाने और उन पर थूकने का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की गई है। इसकी जानकारी भाजपाइयों को हुई तो आक्रोश पनप गया। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को जानकारी दी गई।
धर्मांतरण कराने और देवी-देवताओं के अपमान की भी शिकायत की गई। पुलिस प्रशासन हरकत में आते ही जांच पड़ताल में जुट गया। जिलाधिकारी ने एक कमेटी गठित कराई है। इसका नेतृत्व उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र व पुलिस क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह कर रहे हैं।
नखासा थाना क्षेत्र के गांव सिरसानाल में ईसाई धर्म के 40 से 45 परिवार निवास करते हैं। विलियम बचपन में ही ईसाई धर्म को अपना चुके हैं, जबकि सुनीता सनातन धर्म को मानती चली आ रही हैं। ईसाई धर्म की दो शिक्षिकाएं जो स्कूल में पढ़ातीं हैं, उनकी ओर से सुनीता पर भी ईसाई धर्म को अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। बहुत समय से दबाव बनाने का प्रयास है लेकिन सुनीता इनकी बात नहीं मान रही है।
सुनीता का आरोप है कि बुधवार की शाम दोनों शिक्षिकाएं घर आईं और उन्होंने घर में रखीं देवी-देवताओं के चित्र फाड़ दिए और थूकते हुए जला दिया। महिला के पति का भी यही कहना है कि शिक्षिकाओं ने देवी-देवताओं का अपमान किया है। इस मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस गांव पहुंची। मामले की जांच की गई।
नखासा थाने के इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह पंवार ने बताया कि जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर भाजपाइयों ने भी इस पर रोष जताया है। धर्मांतरण के मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।