तहसील क्षेत्र के गांव बर्रई में लंबी के लक्षण वाले चार छुट्टा गोवंश की मौत हो सप्ताहभर में चुकी है। जबकि छह अन्य गोवंशों में लंपी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। जिम्मेदारों ने दो दिन पहले मरे छुट्टा गोवंश का शव अभी तक नहीं उठाया गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की शिकायत पर पशु चिकित्सा टीम ने गांव में पहुंच पालतू गोवंश का उपचार किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने छुट्टा गोवंश को वैक्सीन नहीं लगाई है।
गांव बर्रई में एक सप्ताह में लंपी से छुट्टा दो गाय व दो सांड़ की मौत हो चुकी है। गांव के पशुपालक रामसेवक व रामकिशोर की एक-एक गाय में भी लंपी के लक्षण मिले हैं। लंपी फैलने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर दो दिन पहले पशु चिकित्सालय से टीम पहुंची थी। जिसने ग्रामीणों की पालतू पशुओं का उपचार कर वैक्सीन लगाई। आरोप है कि टीम ने रोग से पीड़ित छुट्टा गोवंश का उपचार नहीं किया। गांव में चार छुट्टा गोवंश में भी लंपी के लक्षण दिखाई दिए हैं।
ग्रामीण महेंद्र सिंह राणा, रामवीर सिंह, श्योराज, रामप्यारी, रामवती, ओमवीर राणा, जयपाल सिंह ने बताया कि दो दिन पहले लंपी से छुट्टा गाय की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने 1076 पर कॉल की थी। मगर गाय के शव को अभी तक नहीं हटाया गया है। जिससे गांव में दहशत है।
लंपी के लक्षण वाले पशुओं का उपचार किया जा रहा है। गांव बर्रई में चिकित्सा टीम को सोमवार को भेज उपचार कराया गया। मृतक पशु को दफनाने का काम ग्राम प्रधान स्तर पर किया जाता है।
डॉ. अजय कुमार, पशु चिकित्सक, चंदौसी